आजमगढ़: हर दिन की शुरूआत योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, वैदिक शिक्षा की संकल्पना को पूरा करने और भारत को विश्वगुरू बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनपद के आदर्श योग शिक्षक देवविजय यादव द्वारा कुँवर सिंह उद्यान में प्रतिदिन 5.30 से 7.00 बजे तक योगाभ्यास कराया जाता है। वर्तमान समय में बढ़ती अनेक बिमारियों से मुक्ति दिलाने के साथ ही बच्चों में स्मरण शक्ति बढ़ाने, श्वसन प्रक्रिया को सहज करने एवं जनमानस को तनाव-मुक्त करने मे योग-साधना सदैव ही सहायक रही है। गीता में योगेश्वर श्रीकृष्ण योग को विभिन्न अर्थों में प्रयुक्त करते हैं। अनुकूलता-प्रतिकूलता, सिद्धि-असिद्धि, सफलता-विफलता, जय-पराजय, इन समस्त भावों में आत्मस्य रहते हुये सम रहने को योग कहते हैं। असंग भाव से द्रष्टा बनकर, अन्तर की दिव्य प्ररेणा से प्रेरित होकर कुशलतापूर्वक कर्म करना ही योग है। दैनिक जीवन में तनावपूर्ण परिस्थितियों के रहते हुये भी आपकी मुस्कान बनाए रखना योग का उद्देश्य है। योग का ज्ञान सागर की तरह विशाल है। योगाभ्यास आपको सर्वोच्च सत्य के ज्ञान के लिए तैयार करता है। जयश्री द्वारा दिनचर्या पर प्रकाश डालते हुये बताया गया कि हिन्दुस्तान के लोग सूर्योदय से पहले जागना शुरू कर दें, आलस्य त्याग दें और अहंकार मुक्त हो जाए तो भारत रोगमुक्त योगयुक्त हो जायेगा। शिविर में बहुत भाई-बहनों के मोटापा एवं अनेक रोगों से मुक्ति मिल रही है। कार्यक्रम के अन्त में जम्मू कश्मीर के उरी में हुये आतंकी हमले में शहीद जवानों के प्रति दो मिनट का मौन रख उनके आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गयी और उनके परिवार के जनों में शांति व धैर्य बना रहे इसके लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की गयी। इस मौके पर डा. दुर्गा प्रसाद अस्थाना, बीके अग्रवाल, शैलेष, दीपक, वीरेन्द्र सिंह, शुभकरन, साधना, शोभा, अशोक आदि सभी साधक बन्धु उपस्थित रहे।
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