बता दे कि रमजान का मतलब सब्र का महीना है और माहे रमजान एक दूसरे से हमदर्दी का महीना है। रमजान का मतलब अल्लाह के बन्दगी का एहसास उजागर करना है। रमजान कुरआन का महीना है। इसी माह कुरआन पाक नाजिल हुआ। एक हदीस से मालूम होता है कि शाहबान के आखिरी तारीख को खुतबा देते हुए अल्लाह के रसूल हजरत मोहम्मद साहब ने फरमाया ऐ ईमान वालों तुम पर एक बड़ा बा बरकत महीना आने वाला है। यह बड़ी बरकत वाला महीना होगा और अल्लाह पाक ने इस माह में तुम पे रोजे फर्ज किये हैं और इसकी रातों कयाम कर तरावीह को नफिल करार दिया है।
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में माहे रमजान की तैयारी पूरी कर ली गयी है और सभी मस्जिदों को रंगरोगन भी पूरा कर लिया गया है माहे रमजान के मुकद्दस माह की सब अहम नमाज तराबीह पढ़ने के लिए लोग उत्सुक हैं । खजूर व फल फ्रूट व सेवेईया की दुकाने भी सजने लगी हैं। बरकतों और रहमतों का मुकद्दस महीना रमजान कल से शुरु होगा।

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