आजमगढ़। ‘‘पूरे हुए वादे अब नये है इरादे’’ के नारे के चुनावी वर्ष में प्रवेश करने वाली समाजवादी पार्टी की सरकार के मुखिया मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र में ही अब वादे फेल होते दिख रहे है। जनपद में समाजवादी पार्टी की सरकार ने 22 से 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था। लेकिन बिजली की आँख मिचौली के बीच शहर को मुश्किल से 14 घंटे और गांवों को केवल 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। हालाकि की शहर में ही रहने वाले उर्जा मंत्री वसीम अहमद लगातार दावे करते रहे कि जनपद में ट्रान्सफार्मर लग रहे हैं बिजली की समस्या खत्म हो जायेगी लेकिन इसके बावजूद बिजली की आपूर्ति नही हो रही है। बता दे कि वर्ष 2014 में जब आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र से सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव सांसद चुने गये तो उसी समय प्रदेश सरकार ने चौबीस घंटे विद्युत आपूर्ति की घोषणा की। बाद में इसी जिले के गोपालपुर विधानसभा के विधायक वसीम अहमद को राज्य ऊर्जा मंत्री बना दिया गया। लेकिन चौबीस घंटे बिजली का दावा कागज तक सिमटा रहा। शहर में चौदह घंटे तो गांव में आज भी दस घंटे से अधिक विद्युत आपूर्ति नहीं हो रही है। गलती से अगर कहीं फाल्ट हो गया तो कई-कई दिन तक बिजली गायब रहती हैं। लेकिन सरकार और विभाग के लोग व्यवस्था में सुधार के बजाय सिर्फ दावे में व्यस्त हैं। आम आदमी इस गर्मी में बिलबिला रहा है। हालत यह है कि विद्युत कटौती का सीधा असर व्यवसाय और खेती पर पड़ रहा है। अगर बिजली मिलती तो किसान धान की नर्सरी आसानी से डाल लेते लेकिन बिजली के आभाव में नर्सरी तो दूर गन्ना आदि की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है। सब्जी की फसले भी अंतिम सांसे गिन रही है। आप को बता दे कि शहर में ना ही बिजली आने का कोई समय है और ना ही जाने का जब दिल में आया बिजली काट दी जाती है। इसके अलावा प्रतिदिन तीन से चार घंटे इमरजेंसी कटौती की जाती है।
Blogger Comment
Facebook Comment