आजमगढ़। सिधारी थाना क्षेत्र के जगदीशपुर सारपुर गांव में बकाया मांगने पर मिली धमकी के चलते गाजियाबाद निवासी एक ठेकेदार ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। ठेकेदार ने मरने से पहले सुसाइड नोट में 45 लाख रूपये विभिन्न पार्टियों पर बकाया लगाने और भुगतान न करने का आरोप लगाया है। ठेकेदार ने मौत के पीछे तीन बड़े देनदारों को कसूरवार ठहराया है वह हाई प्रोफाइल लोग हैं। बड़े नाम वाले व्यक्तियों को सुसाइड नोट में आरोपी बनाये जाने से जहाँ दिन भर चर्चा बनी रही वहीँ पुलिस भी मामले की तहकीकात में जुट गयी है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि शव के पोस्टमार्टम के साथ मामले की जांच करायी जा रही है तथा इस मामले में जो लोग भी दोषी होगा कार्रवाई की जायेगी।
आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के जगदीशपुर सारपुर गांव निवासी सुरेश यादव ने पुलिस कोसूचना दी कि उनके यहां किराये पर रहने वाले शमशेर बहादुर की संदिग्ध परिस्थितिथियों में मौत हो गयी। घटना की जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्ज में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया गया है कि शमशेर बहादुर मूल रूप से गाजियाबाद जिले के न्यू गांधी नगर का रहनेवाला था और पिछले कुछ वर्षो से नगर में कई स्थानों पर भवन निर्माण में ठेकेदारी का काम करता था।बताया गया है कि शमशेर बादुर ने कई ब़ड़े लोगों के प्रतिष्ठान व स्कूल निर्माण तथा रोडवेज में चल रहे निर्माण कार्य में प्रत्यक्ष और सहयोगी ठेकेदार के रूप में कार्य किया। इस दौरान निर्माण करानेवाली पार्टियों के पास ठेकेदार की लम्बी रकम फस गयी और मांगने पर से विवाद किया जाने लगा । बताया गया है कि ठेकेदार के पास से एक तीन पन्ने को सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिस में शमशेर बादुर ने अपने दर्द को बयां किया है और मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम का उल्लेख किया है। ठेकेदार के द्वारा कराये गये कार्य में बकाये की रकम 45 लाख के करीब लिखा गया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि बकाया की धनराशि न मिलने से उसके पिता तनाव में थे और उन्होंने आर्थिक तंगी के चलते जहर खाकर जान दे दी। ठेकेदार के आत्महत्या के मामले में पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने कहा कि शमशेर बादुर के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है जिससे यह तय हो जायेगा कि मौत किन कारणों से हुई। उन्हेंने बताया कि सुसाइड नोट और तथ्यों की जांच करायी जा रही हैऔर जो भी मामला सामने आयेगा उसके आधार पर कार्रवाई की जायेगी।
आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के जगदीशपुर सारपुर गांव निवासी सुरेश यादव ने पुलिस कोसूचना दी कि उनके यहां किराये पर रहने वाले शमशेर बहादुर की संदिग्ध परिस्थितिथियों में मौत हो गयी। घटना की जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्ज में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया गया है कि शमशेर बहादुर मूल रूप से गाजियाबाद जिले के न्यू गांधी नगर का रहनेवाला था और पिछले कुछ वर्षो से नगर में कई स्थानों पर भवन निर्माण में ठेकेदारी का काम करता था।बताया गया है कि शमशेर बादुर ने कई ब़ड़े लोगों के प्रतिष्ठान व स्कूल निर्माण तथा रोडवेज में चल रहे निर्माण कार्य में प्रत्यक्ष और सहयोगी ठेकेदार के रूप में कार्य किया। इस दौरान निर्माण करानेवाली पार्टियों के पास ठेकेदार की लम्बी रकम फस गयी और मांगने पर से विवाद किया जाने लगा । बताया गया है कि ठेकेदार के पास से एक तीन पन्ने को सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिस में शमशेर बादुर ने अपने दर्द को बयां किया है और मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम का उल्लेख किया है। ठेकेदार के द्वारा कराये गये कार्य में बकाये की रकम 45 लाख के करीब लिखा गया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि बकाया की धनराशि न मिलने से उसके पिता तनाव में थे और उन्होंने आर्थिक तंगी के चलते जहर खाकर जान दे दी। ठेकेदार के आत्महत्या के मामले में पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने कहा कि शमशेर बादुर के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है जिससे यह तय हो जायेगा कि मौत किन कारणों से हुई। उन्हेंने बताया कि सुसाइड नोट और तथ्यों की जांच करायी जा रही हैऔर जो भी मामला सामने आयेगा उसके आधार पर कार्रवाई की जायेगी।


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