आर्यसमाज अईनियां के वार्षिकोत्सव पर नगर पालिका अध्यक्षा के उद्गार
आजमगढ़। आर्य समाज अईनियां नाला धर्मू के 5 जून से 12 जून तक चलने वाले वार्षिकोत्सव समारोह का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रविवार को नगर पालिका परिषद अध्यक्षा इंदिरा देवी जायसवाल के कर कमलों द्वारा द्वीप जलाकर विधिवत हुआ। अपने सम्बोधन में इंदिरा देवी जायसवाल ने कहा कि अनेक जन्म जन्मान्तर के पुण्य कर्मों से मनुष्य योनि मिलती है। मानव शरीर प्राप्त कर पुण्य कार्यों को करते हुए परमात्मा को धन्यवाद देते रहना चाहिए।लखनऊ से आये आचार्य सुशील कुमार साधक की देख रेख में ब्रम्हचारी मनीष एवं ब्रम्हचारिणी सावित्री देवी ने वेद पाठ से यज्ञ-कार्य का श्रीगणेश किया। विजेन्द्र शास्त्री योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उनकी बारीकियाँ समझाई। रामायणी पंडित हरिश्चन्द्र शास्त्री ने रामचरित्र का सुमधुर प्रवचन करते हुए कहा कि रामचरित्र की सीख का अनुपालन करने से ही मानव जाति का कल्याण होगा। और समाज सुख शान्ति का आनन्द प्राप्त कर सकेगा। देहरादून से आये महात्मा आत्ममुनि ने मानव योनि को कर्मयोनि बताते हुए इस श्रेष्ठ बताया और पुण्य कार्य करने की सींख दी।
इस मौके पर शिवकुमार, गोपाल, उदयराज चौहान, रविन्द्र श्रीवास्तव, ओमप्रकाश, रमाशंकर, शान्ति देवी, प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता प्रधान श्रीचन्द आर्य ने किया तथा संचालन ब्रम्हचारी नरेन्द्र ने किया। डा0 सुरेन्द्र श्रीवास्तव ने सबका स्वागत करते हुए आभार प्रकट किया।
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