फरिहा/आजमगढ़। निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुददादपुर गाँव में हुआ बवाल अभी पूरी तरह शांत हुआ कि रविवार शाम 6 बजे के करीब राज्य सभा सांसद जुगुल किशोर अपने सैकड़ों की संख्या में बीजेपी कार्यकतार्ओं के साथ खुदादादपुर निवासी दलित कांता पुत्र बिनसरी की पुत्री की शादी में शामिल होने जारहे थे कि फरिहा में मौजूद एसडीएम अयोध्या प्रसाद व एसपी सिटी विपिन ताड़ा ने उनके काफिले को रोक लिया। जिसके कारण फरिहा चौक पर अफरा तफरी की स्थिति बनी रही घंटो प्रशासन के मान मनौवल के बाद यह तय हुआ कि फरिहा में स्थित शिव पार्वती मंदिर पर ही आप रुकें हम लड़की के पिता को यहीं बुला लाते हैं । जिसपर पूर्व जिलाध्यक्ष सहजानन्द राय द्वारा लड़की के पिता को नहीं गाँव के लल्लू को बुलाने की बात कही गई । उनकी बात को मानते हुये एसओ निजामाबाद जगदीश उपाध्याय ने खुदादादपुर में मौजूद एसओ सरायमीर से लल्लू को लाने के लिए कहा कुछ देर बाद लल्लू पुत्र मुन्नर मौके पर पहुँच कर बीजेपी के सांसद जुगुल किशोर से मुलाकात की, मुलाकात के बाद सांसद ने लल्लू से घटना की जानकारी ली । बीजेपी सांसद ने कहा कि हम सहानुभूति के लिए आए थे मगर प्रशासन ने रोक दिया। हमे जाने नहीं दे रहा उसके बाद सांसद ने एक बंद लिफाफे में लल्लू को न्योता भेज कर प्रेस को बताया कि सपा सरकार द्वारा अपने आखिरी समय में गाजीपुर से लेकर गाजिया बाद तक दलितों पर इतना अत्याचार कर रही है जिसे दलित कभी नहीं भूलेगा । वही बसपा जो दलितों के वोट को अपनी जागीर समझ रही है खुदादादपुर की घटना के बाद न तो उनका कोई नेता आया और न ही उनके द्वारा कोई रूचि ही दिखाई गई जब उनसे पूछा गया कि आपकी तरफ से इनकी क्या सहायता की गई तो बताया कि प्रशासन ने तो हमे आज जाने नहीं दिया । मगर हम स्थिति समान्य होने के बाद वापस आएंगे और भाजपा की तरफ से जो भी मदद हो सकती है पीड़ितों की की जाएगी फरिंहा में करीब एक घंटे रुकने के बाद प्रशासन ने उन्हे रानी की सराय होते हुये वापस पहुंचाया गया तब जाकर कही फरिहा में लोगों ने राहत की सांस ली। इस मौके पर भाजयुमो के जिलाध्यक्ष सुरज प्रकाश श्रीवास्तव, अमित तिवारी,विशाल, नगर पंचायत अध्यक्ष अंशु अदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।
खुदादादपुर जा रहे सांसद को प्रशासन ने फरिहा में रोका
फरिहा/आजमगढ़। निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुददादपुर गाँव में हुआ बवाल अभी पूरी तरह शांत हुआ कि रविवार शाम 6 बजे के करीब राज्य सभा सांसद जुगुल किशोर अपने सैकड़ों की संख्या में बीजेपी कार्यकतार्ओं के साथ खुदादादपुर निवासी दलित कांता पुत्र बिनसरी की पुत्री की शादी में शामिल होने जारहे थे कि फरिहा में मौजूद एसडीएम अयोध्या प्रसाद व एसपी सिटी विपिन ताड़ा ने उनके काफिले को रोक लिया। जिसके कारण फरिहा चौक पर अफरा तफरी की स्थिति बनी रही घंटो प्रशासन के मान मनौवल के बाद यह तय हुआ कि फरिहा में स्थित शिव पार्वती मंदिर पर ही आप रुकें हम लड़की के पिता को यहीं बुला लाते हैं । जिसपर पूर्व जिलाध्यक्ष सहजानन्द राय द्वारा लड़की के पिता को नहीं गाँव के लल्लू को बुलाने की बात कही गई । उनकी बात को मानते हुये एसओ निजामाबाद जगदीश उपाध्याय ने खुदादादपुर में मौजूद एसओ सरायमीर से लल्लू को लाने के लिए कहा कुछ देर बाद लल्लू पुत्र मुन्नर मौके पर पहुँच कर बीजेपी के सांसद जुगुल किशोर से मुलाकात की, मुलाकात के बाद सांसद ने लल्लू से घटना की जानकारी ली । बीजेपी सांसद ने कहा कि हम सहानुभूति के लिए आए थे मगर प्रशासन ने रोक दिया। हमे जाने नहीं दे रहा उसके बाद सांसद ने एक बंद लिफाफे में लल्लू को न्योता भेज कर प्रेस को बताया कि सपा सरकार द्वारा अपने आखिरी समय में गाजीपुर से लेकर गाजिया बाद तक दलितों पर इतना अत्याचार कर रही है जिसे दलित कभी नहीं भूलेगा । वही बसपा जो दलितों के वोट को अपनी जागीर समझ रही है खुदादादपुर की घटना के बाद न तो उनका कोई नेता आया और न ही उनके द्वारा कोई रूचि ही दिखाई गई जब उनसे पूछा गया कि आपकी तरफ से इनकी क्या सहायता की गई तो बताया कि प्रशासन ने तो हमे आज जाने नहीं दिया । मगर हम स्थिति समान्य होने के बाद वापस आएंगे और भाजपा की तरफ से जो भी मदद हो सकती है पीड़ितों की की जाएगी फरिंहा में करीब एक घंटे रुकने के बाद प्रशासन ने उन्हे रानी की सराय होते हुये वापस पहुंचाया गया तब जाकर कही फरिहा में लोगों ने राहत की सांस ली। इस मौके पर भाजयुमो के जिलाध्यक्ष सुरज प्रकाश श्रीवास्तव, अमित तिवारी,विशाल, नगर पंचायत अध्यक्ष अंशु अदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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