आजमगढ़। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं0 2 अनिल कुमार ने सिधारी थानान्तर्गत पल्हनी गाँव में हुई श्रीमती हत्या काण्ड में पिता व दो पुत्रों सहित पांच को आजीवन कारावास व 25-25 हजार रूपया जुर्माना की सजा सुनाई।
प्राप्त विवरण के अनुसार बीते 14 जनवरी सन् 2011 की सुबह 5.30 बजे पल्हनी गाँव की श्रीमती देवी पत्नी राजाराम मौर्य शौच करने के लिए गाँव के मुरारी के गन्ने की खेत में गयी थी। इसी बीच उसके पट्टीदार शंकर मौर्य पुत्र अनूप तथा उसके लड़के विनोद, प्रमोद, मनोज, गाँव के सुदर्शन मौर्य तथा सिधारी थानाक्षेत्र के रामपुर जप्ती गाँव के सुरेन्द्र यादव ने उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दिया। श्रीमती के शोर पर उसके पति व गाँव वाले आकर श्रीमती को उपचार के लिए सदर अस्पताल ले गये। जहां पर श्रीमती ने नायब तहसीलदार रमाशंकर पाठक को अपना मृत्यु पूर्व बयान दर्ज कराया। दौरान इलाज श्रीमती की मौत हो गयी। घटना की प्राथमिकी मृतका के पति राजाराम मौर्य ने नामजद थाना सिधारी में दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि चकरोड में जबरन शंकर ने मकान बनाया है। इसी के विरोध करने पर यह घटना हुई।
अभियोजन पक्ष ने वादी मुकदमा राजाराम मौर्य सहित कुल 12 गवाह तथा बचाव पक्ष ने 3 गवाह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किये। न्यायाधीश अनिल कुमार ने जिला शासकीय अधिवक्ता दशरथ यादव, अधिवक्ता निर्मल शर्मा तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्को क ो सुनने के पश्चात अभियुक्त शंकर मौर्य, विनोद, प्रमोद, सुदर्शन तथा सुरेन्द्र यादव को दोष सिद्ध करते हुए उन्हें आजीवन कारावास व 25-25 हजार रूपया जुर्माना की सजा दी। जुर्माना वसूल होने पर आधा रकम मृतका के पति को दिये जाने का आदेश दिया। अभियुक्त मनोज मौर्य नाबालिग घोषित हो चुका है।

Blogger Comment
Facebook Comment