आजमगढ़। एडीजी कानून व्यवस्था का प्रयास रंग लाया और पूरे जिले में शांति व्यवस्था कायम हो गयी। एडीजी अब भी जिले में डटे हुए है शाम को उनके लखनऊ लौटने की संभावना है। वहीं नये कप्तान भी जिले में पहुंच चुके है। हिंसा प्रभावित क्षेत्रों मंे धीरे धीरे आम जनजीवन सामान्य हो रहा है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं नेट सेवा पर प्रतिबंध अब भी बरकरार है। टाटा डोकोमो और एयरसेल भी देर रात बंद करा दिया गया। वहीं दूसरी तरफ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश लगातार जारी है। अब तक करीब सवा दर्जन लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। मोबाइल नेट पर बैन बरकरार है लेकिन ब्रॉड बैंड पूर्वाह्न दस बजे चालू कर दिया गया है।
बता दें कि खोदादादपुर शनिवार को शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा ने व्यापक रूप ले लिया था। बनगावं से लेकर सरायमीर तक हिंसा फैल चुकी थी। जिले की पुलिस को नाकाम होता देख सोमवार को एडीजी कानून व्यवस्था ने स्वयं हिंसा रोकने के लिए कमान संभाल ली थी। उन्होंने न केवल पैरा मिलिट्री की तैनाती करायी बल्कि शांति कमेटी की बैठक और फ्लैग मार्च के जरिये लोगों को यह समझाने का प्रयास किया कि अब उपद्रव करने वाले बच नहीं पायेगे। उनका यह प्रयास पूरी तरह सार्थक साबित हुआ। जिले में हिंसा पूरी तरह थम गयी। अब फोर्स की तैनाती के बीच चारो तरफ अमन चैन दिख रहा है। वहीं अधिकारियों के स्थानान्तरण ने भी लोगों में यह संदेश दिया कि सरकार भी इस मामले में गंभीर रूख अख्तियार कर रही है। एडीजी बुधवार को भी जिले में जमे रहे। शांति व्यवस्था कायम होने के बाद अब शाम तक उनके लखनऊ लौटने की संभावना व्यक्त की जा रही है। दूसरी तरफ उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए गठित टीमें लगातार छापेमारी कर रही है। गिरफ्तारी से आम आदमी में भी पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। अधिकारी कुछ बोल नहीं रहे लेकिन यह माना जा रहा है कि अभी मोबाइल इंटरनेट पर प्रतिबद्ध बरकरार रहेगा। वैसे ब्रॉड बैंड चालू हो जाने से लोगों ने राहत की सांस ली।

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