राज्यसभा के लिए नामित होने के बाद ही सपा में वापसी को लेकर चर्चा शुरू
आजमगढ़। आखिरकार अमर सिंह आजम पर भारी पड़ ही गये। 22 मार्च को चीनी मिल के लोकापर्ण के समय जब अमर और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव एक मंच पर आये तभी यह चर्चा शुरू हो गयी थी कि आने वाले दिनों में अमर सिंह की सपा में वापसी पक्की है। वापसी तो अब तक नहीं हुई लेकिन मंगलवार को सपा मुखिया ने अमर सिंह को राज्यसभा पहुंचने का रास्ता साफ कर दिया। यह खबर जब अमर सिंह के समर्थकों को हुई तो वे खुशी से झूम उठे।बता दें कि अमर सिंह को राजनीति के ऐसे धुरंधर के रूप में जाना जाता है जिसके लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं हैं। वे नामुमकिन को मुमकिन बनाने में माहिर कहे जाते है। सरकार बनाना और बिगाडऩा कभी इनके लिए चुटकी का खेल हुआ करता था। जोड़ तोड़ कर प्रदेश में सपा सरकार को बनाने का मामला रहा हो अथवा केंद्र की यूपीए सरकार को बचाने का अमर सिंह हमेशा चर्चा में रहे। वर्ष 2009 में अमर सिंह सपा से बाहर होने के बाद भी हमेंशा सुर्खियों में रहे। इनकी सपा में वापसी को लेकर लगातार चर्चा होती रही। शिवपाल सिंह यादव के पुत्र की शादी में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं हाल में इनकी सपा मुखिया की नजदीकियों की चर्चाए भी खूब रही। कारण कि कभी अमर सिंह को मुलायम सिंह का दाहिना हाथ माना जाता था। आजमगढ़ का आजतक जो भी विकास हुआ उसमें अमर सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यहीं कारण था कि जब 22 मार्च को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव सठियांव चीनी मिल का लोकापर्ण करने आजमगढ़ पहुंचे और उनके साथ अमर ंिसंह ने मच साझा किया तो लोगों को थोड़ा भी आश्चर्य नहीं हुआ बल्कि इस बात की चर्चा शुरू हो गयी कि दोनों की दोस्ती अभी जिंदा है। उसी दिन से अमर सिंह की सपा में वापसी की चर्चा तेज हो गयी थी। मंगलवार को जब सपा मुखिया ने अमर सिंह को राज्यसभा के लिए पार्टी की तरफ से अमर सिंह को नामित किया तो उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। जगह जगह मिठाइयां बाटी गयी। सबसे अधिक चर्चा इस बात की रही कि अमर फिर आजम पर भारी पड़ गये। इसके साथ ही अमर ंिसंह की सपा में वापसी को लेकर अटकले और तेज हो गयी है। लोगों का मानना है कि 2017 के पहले अमर फिर सपा के चेहरा बनेगें।

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