खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए कार्यशाला सम्पन्न
जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा कि हमारा पड़ोसी देश बागलादेश हमसे गरीब है लेकिन वहां के लोग 90 से 95 प्रतिशत शौचालय का प्रयोग करते है। उन्होने कहा कि सभी विकसित देश शत-प्रतिशत शौचालय का उपयोग करते है। उन्होने कहा कि गांव के शिक्षित लोगों में शौचालय के उपयोग के लिए जागरूक करें, करवां अपने आप बन जायेगा। उन्होने बताया कि गांव वालों को गांव की भाषा में खुले में शौच करने से आने वाली परेशानियों के सम्बन्ध में बताए तो वह जल्दी से जल्दी जागरूक होगे और शौचालय का उपयोग करें। उन्होने कहा कि महिलाए सड़को पर रास्ते में, खेत में शौच करने जाती है। जो समाजिक रूप से उचित नही है। इस प्रथा को बदलने की जरूरत है। उन्होेने सभी अधिकारियों से कहा कि इस कार्य को चुनौती के रूप में लेकर गांवों में जाना है और जागरूकता पैदा करते हुए लोगों को शौचालय उपयोग करने के सम्बन्ध में फायदा की जानकारी देना है। उन्होने कहा कि इस मुहिम को सफल बनाने के लिए लाभपरक योजनाओं से तभी लाभान्वित किया जायेगा जब वह शौचालय का उपयोग करेगें। तथा शौचालय के लिए तभी प्रोत्साहन राशि मिलेगी। जब वह शौचालय बनाकर उपयोग करेगें। उन्होने कहा कि गांव के लोग सब जानते है शौचालय से फायदे और नुकसान के सम्बन्ध में केवल उन्हे उपयोग करने के लिए एहसास कराना है।
दिल्ली से पधारे विनोद मिश्रा ने कार्यशाला में बताया कि रू0 500 से लेकर 5 लाख तक के टायलेट बनते है आवश्यकतानुसार टायलेट बनाए। जब आवश्यकतानुसार टायलेट बनाएगे तो उसका सभी लोग उपयोग करेगें। उन्होने खुले में शौच जाने से आने वाली परेशानियों के सम्बन्ध में बताया कि आगे आने वाली हमारी पीढि़यों के उपर असर पेड़ेगा, बच्चा कमजोर, छोटा तथा दिमाग का भी कमजोर होगा। उन्होने कहा कि पूरे जनपद मंे लोगोें के बीच ऐसी जागरूकता पैदा करना है कि लोग एससास करते हुए कहे कि पहले शौचालय बनेगा तभी खाना खाया जायेगा। उन्होने कहा कि 22 विकास खण्ड इस जनपद में है जो प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है। इस जिले में एक साथ गांव-गांव में जागरूकता पैदा करना है। उन्होने कहा कि जनपद को इस मुहिम में सफलता मिल गयी तो इस क्षेत्र में भी जिला को प्रदेश ही नही बल्कि देश में पहचान मिल जायेगी। उन्होने कहा कि डाक्टर अपने मरीज से पूंछे, विकास खण्ड अधिकारी अपने लाभार्थी से पूछे तथा कोटेदार अपने राशन कार्ड धारको से पूरे कि शौचालय का प्रयोग करते है कि नही, यदि नही करते है तो शौचालय का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी महेन्द्र वर्मा, परियोजना निदेशक एस0के0 पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी उमा शंकर पाण्डेय, समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी विपिन सोनकर, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, सभी ए0डी0ओ0 पंचायत उपस्थित थें।

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