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किसानों के आंदोलन का हुआ असर , प्रशासन ने मांगा 03 दिन का वक़्त

मुआवजा वितरण में मनमानी से नाराज थे किसान,एसडीएम ने मांगा तीन दिन का समय 


आजमगढ़.: एनएच-233 लुम्बिनी-सारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा वितरण में मनमानी के खिलाफ किसानों का आंदोलन आखिर रंग लाया। किसानों द्वारा काम बंद कराने की चेतावनी को प्रशासन ने गंभीरता से लिया और डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर सेमरहा पहुंचे और धरनारत किसानों की समस्या सुनी। उन्होंने समस्या समाधान के लिए तीन दिन का समय मांगा। इसके बाद किसानों ने आंदोलन तीन दिन के लिए स्थगित कर दिया। तीन दिन बाद मांग पूरी न होने पर किसानों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। बता दें कि किसान बचाओ आन्दोलन के बैनर तले लोग पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलित है। किसानों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 2013 के अंतर्गत अधिग्रहित जमीनों का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। एक ही गांव में नियम विरूद्ध अलग-अलग रेट से मुआवजे का वितरण किया गया। जमीनों के अधिग्रहण से पूर्व अधिकारियों द्वारा किसानों के साथ बैठक कर उनसे सहमति नहीं ली गयी, जो सरासर मनमानी है। ऐसा क्यों किया गया किसान इसका जवाब चाहते है। उक्त मांगों को लेकर रविवार को किसानों ने रानी की सराय थाने के सामने धरना दिया था। इस दौरान किसान और पुलिस में झड़प भी हुई थी। इसके बाद सोमवार को संयोजक गोपाल यादव के नेतृत्व में किसानों ने सेमरहा गांव में धरना दिया। गोपाल यादव ने कहा कि जिला प्रशासन उनके आन्दोलन को कत्तई नहीं कुचल सकता। वे प्रशासन से भीख नहीं मांग रहे वरन अपनी जमीन का वाजिब मुआवजा चाहते हैं। हाइवे में जमीन चले जाने से किसान पहले से सदमे में हैं अब अगर उसे वाजिब मुआवजा नहीं मिला और उसके साथ कुछ अनहोनी होती है तो इसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। महासचिव कालिका राय ने कहा कि प्रशासन के कुछ लोग किसानों को धमकियां देकर आन्दोलन को दबाना चाहते हैं। उनमें से एक तबका ऐसा भी है जो किसानों के बीच फूट डालकर आन्दोलन को कमजोर करना चाहता है। किसान उनकी नियत को भली भांति समझते हैं और उनके झांसे में आने वाले नहीं हैं। धरने के बाद एसडीएम सदर के बुलाने पर किसान बचाओ आन्दोलन के संयोजक गोपाल यादव के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमण्डल उनसे मिलकर अपनी बात रखी। एसडीएम ने तीन दिन में मांग पूरी करने का आश्वासन दिया तो लोगों ने आंदोलन तीन दिन के लिए रद्द कर दिया। इस मौके पर रमाशंकर राय, रामअवतार, सत्यम राय, रमेश चन्द्र राय, सतीश चन्द्र राय,अरविन्द राय, विरेन्द्र राय, अमृत लाल यादव, लालजी यादव, कृष्णा यादव, मुकेश कुमार, अतुल राय, रामाश्रय, राम चन्द्र यादव, विन्देश्वरी यादव, सुरेश यादव, राजभुवन यादव आदि उपस्थित थे।
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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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