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पक्षाघात की शिकार प्रसव पीड़िता को दिया नया जीवन, जच्चा - बच्चा दोनो स्वस्थ्य

चिकित्सा क्षेत्र में डा0 अनूप ने मनवाया लोहा
चिकित्साजगत में वह कर दिखाया जो आज तक नही हुआ 


आजमगढ़ :  कहते हैं चिकित्सक मानव जगत का दुसरा भगवान्  है। यह एक दम सही है। यदि सही नही होता तो एक चिकित्सक ने वह कर दिखाया जो दुनिया में कभी - कभी ही होता है  । चिकित्सा जगत में हलचल मचा देने वाले जिले के प्रसिद्ध न्युरों सर्जन डा0 अनूप सिंह यादव ने अपने साथी चिकित्सकों के सहयोग से पक्षाघात की शिकार प्रसव पीड़ित महिला विमला यादव पत्नी सत्य प्रकाश निवासी ग्राम खुशामदपुर जनपद मऊ को जहां नया जीवन दिया वहीं बच्चा को भी  बचा कर विमला के परिवार को बड़ी खुशियां प्रदान किया।
शनिवार को डा0 अनूप सिंह यादव ने लाइफ लाईन हॉस्पिटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूरा वृतान्त बताया जो इस प्रकार है। विमला यादव पत्नी सत्य प्रकाश निवासी ग्राम खुशामदपुर जिला मऊ अपने 8 महीने के  गर्भस्त शिशु के साथ परिवार में आरही एक नई खुशी का इंतजार कर रही थी तभी  अचानक 5 अप्रैल को सुबह 6:30 बजे उन्हें बोलने में दिक्कत हुई और बाया हाथ पैर पछाघात का शिकार हो गया । जनदीक के डॉक्टरों के प्राथमिक उपचार के उपरांत पति सत्य प्रकाश ने विमला को लाइफ लाइन हॉस्पिटल में भर्ती  कराया जहां एम आर आई पर पता चला की विमला के दिमाग के दाहिने हिस्से में एक बड़ा ब्रेन हेमरेज हुआ है। यह एक जटिल समस्या थी। डॉक्टर अनूप कुमार यादव जिनकी देख रेख में विमला के इलाज हेतु डॉक्टरों की टीम का गठन हुआ। शुरूआती जाँच पर पता चला की विमला के शरीर का खून पतला होन के कारण वो ब्रेन हैमरेज की शिकार हुई है। खून की इस कमी को पहले दूर करने के बाद जब 7 अप्रैल की दोबारा सीटी कराया गया तो पता चला की थक्के का आकार और उसके दिमाग पर दबाव और बढ़ गया है अब विमला के जीवन को बचाने के लिए आपरेशन के अलावा और कोई विकल्प नही था। लाइफ लाइन हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम डाक्टर अनूप सिंह, डा0गायत्री कुमारी, डा0 दीपक पाण्डेय एवं डॉक्टर हेमबाला यादव शामिल थी।  इन चिकित्सकों ने आपरेशन का निर्णय लिया 8 अप्रैल की सुबह 8 बजे विमला का आपरेशन शुरू हुआ और पहले बड़े आपरेशन के द्वारा बच्चे की डिलीवरी कराई गयी। बच्चे की स्थिति काफी नाजुक थी अत: उसे तुरंत एन आई सी यु भेज दिया गया। डिलीवरी के उपरान्त विमला के दिमाग का आपरेशन शुरू हुआ और उससे थक्का निकाला गया आज विमला और उसका पूरा परिवार में नवरात्र के पहले दिन आयी खुशी से और जच्चा बच्चा दोनों के जीवन के बच जाने से बेहद खुश है। जनपद के लोगों ने डॉ0 अनूप के इस कार्य की जम कर प्रशंशा  कर रहे हैं।  
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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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