ग्लोबल हास्पिटल में रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन42 लोगों ने स्वेच्छा से किया रक्तदान
आजमगढ़। विश्व हिमोफीलिया दिवस पर रविवार को नेशनल मेडिको अर्गनाइजेशन के तत्वावधान में सिधारी स्थित ग्लोबल हस्पिटल में रक्तदान शिविर एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान चिकित्सकों सहित कुल 42 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। साथ ही लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। साथ ही गोष्ठी में लोगों को रक्तदान के फायदे और इसकी जरूरत के बारे में लोगों को बताया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मंडल अस्पताल डा. बी राम, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी/प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. परवेज अहमद, ब्लड बैंक प्रभारी डा. विनय कुमार सिंह यादव, प्लास्टिक सर्जन डा. सुभाष सिंह, साहित्यकार डा. कन्हैया सिंह ने भारत माता के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिविर में डा. सुबाष सिंह, आर्थो सर्जन डा. केके बरनवाल, डा. पारिजात बरनवाल, लक्ष्मण मौर्य, राजकुमार गुप्ता, चंद्रकांत, सैयद, कमलनाथ, राजेश, डा. कृष्ण कुमार बरनवाल, बृजेश, रतन, पवन, अश्वनी, पंकज, नवीन, जितेंद्र, पीयूष, कृष्ण, रवि वर्मा, राहुल सहित 42 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। हिमोफीलिया पर आयोजित गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए एसआईसी डा. बी.राम ने कहा कि यह आयोजन विश्व हिमोफीलिया दिवस के दिन किया गया है। हिमोफीलिया एक लाइलाज बीमारी है। इससे पीडि़त लोगों की जान रक्त से ही बचाई जा सकती है। यह एक नेक पहल है। ऐसे आयोजन आगे भी होते रहने चाहिए। ब्लड बैंक प्रभारी डा. विनय कुमार सिंह यादव ने कहा कि देश में जन्म लेने वाले दस हजार पुरूष बच्चों में एक हिमोफीलिक होता है। चूंकि यह बीमारी आनुवंशिक है इसलिए इसे समाप्त करना असंभव है। इस बीमारी का उपचार जेनटिक इंजीनियरिंग के विकास के साथ संभव हुआ है। वर्तमान में इन मरीजों का उपचार काबुलेशन फैक्टर को ट्रांसफ्यूज करके किया जाता है। जहां काबुलेशन फैक्टर की उपलब्धता नहीं है वहां फ्रेश फ्रोजेन प्लाज्मा से उपचार किया जा सकता है। आजमगढ के ब्लड बैंक में फ्रेश फ्रोजेन प्लाजमा (एफएफपी) उपलब्ध है। यहां जन्मजात रक्त व्याधियों से पीडि़त बच्चों का पंजीकरण कर जरूरत पड़ने पर ब्लड कंपोनेंट उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक यहां 15 बच्चे पंजीकृत किये गये हैं लेकिन ब्लड के कम्पोनेंट को तैयार करने के लिए रक्त की आवश्यकता होती है। यह तभी संभव है जब लोग रक्तदान करें। इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। प्रभारी सीएमओ डा. परवेज अहमद ने कहा कि आज भी रक्तदान को लेकर लोगों में भ्रांतियां हैं। हम जागरूक लोगों की जिम्मेदारी है इस भ्रांतियों को दूर करें और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करें। आर्थो सर्जन डा. केके बरनवाल ने कहा कि हमें यह बात समझनी होगी कि एक व्यक्ति रक्तदान करता है तो तीन लोगों को जीवन मिलता है। कारण कि रक्त से उसके अवयव आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट अलग किया जाता है और जरूरत के हिसाब से मरीज को कम्पोनेंट उपलब्ध कराया जाता है। प्लास्टिक सर्जन डा. सुभाष सिंह ने कहा कि इसमें दो राय नहीं है कि रक्तदान के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी है लेकिन अभी भी लम्बा रास्ता तय करना है। साहित्यकार डा. कन्हैया सिंह ने का कि हम अपने लिय तो बहुत कुछ करते हैं लेकिन हमें अपने सामाजिक दायित्वों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। आज नई-नई व्याधियां आ रही हैं इनसे निपटने के लिए जागरूकता जरूरी है। इस मौके पर विनम्रसेन सिंह, चंद्रशेखर सिंह, आरडी यादव, राजेंद्र, मनोज, लालजी, रणधीर, अभिषेक जायसवाल आदि लोग उपस्थित थे।
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