मेहनगर, आजमगढ़: नगर में राशन कार्डो के सत्यापन के लिए आज एक खुली बैठक की गयी किंतु नागरिकों के विरोध के चलते बैठक विफल हो गयी वहीँ सरकारी कर्मचारी इसे सफल बता रहे हैं। बताया जा रहा है कि आगामी 10 वर्षो के लिए कार्ड बनाया जा रहा है। वर्तमान में बनाए जा रहे नवीन कार्ड में अनेक लिपिकीय त्रुटि के साथ ही साथ गरीब, पात्र और अपात्र व्यक्तियों का चयन भी गलत तरीके से किया गया है। बैठक के दौरान मात्र यह बताया गया कि किन व्यक्तियों का कार्ड बन गया है और किसका नहीं बना है। जबकि नवीन सूची में पात्र और अपात्र का भी उल्लेख किया गया है। बैठक में इसका उल्लेख एक बार भी नहीं किया गया। सूचना यह है कि अनेक पात्र गरीब व्यक्तियों का नाम सूची से हटा दिया गया है। और तमाम ऐसे लोगों का नाम सम्मिलित कर लिया गया है जो गरीब नहीं हैं और मानदण्डों के विपरित है। कोटेदारों की मिलीभगत के चलते ऐसे लोगों को गरीबी रेखा से नीचे का कार्ड दिया जा रहा है जिनके पास कार,दो मंजिला, खेती व अच्छा व्यापार भी है। आरोप है कि खुली बैठक में गरीब की आवाज को दबा दिया गया और धन बल से सम्पन्न लोगों को पात्र बना दिया गया। जवाहर नगर के पूर्व सभासद राजेन्द्र सिंह ने सत्यापन अधिकारी की भूमिका को संधिग्द करार दिया है और कहा कि यदि यही स्थिति रही तो मारपीट भी हो सकती है। वहीं हरिवंश नगर की वर्तमान सभासद आशा देवी ने आरोप लगाया है कि कोटेदारों द्वारा राशन कार्ड की कम्प्यूटर मे फीडिंग हेतु धनराशि ली गयी और मनमुताबिक एक घर में पति और पत्नी के नाम व अवयस्कों के नाम से भी कार्ड बनवाया गया है। लगभग 30 प्रतिशत लोगों का कार्ड नहीं बन पाया है। नगर अध्यक्ष रामबदन राम कनौजिया ने बताया कि तमाम गल्तियां हुई हैं लेकिन खुली बैठक में कोई विरोध नहीं कर रहा है।
ज्ञातव्य हो कि जिलाधिकारी ने 10 मार्च तक का ही समय कार्डो के सत्यापन के लिए दिया गया है। जनता द्वारा यह मांग की जा रही है कि इस मामले जांच स्वतंत्र एजेंसी या एनजीओ के माध्यम से कराया जाए जिससे गरीबों को उनका हक प्राप्त हो सके और न्याय हो सके।

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