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होम्योपैथी पर विशेष कान्फ्रेंस सम्पन्न

असाध्य रोगों के निदान में समर्थ है होम्योपैथी-डा0 पार्था


आजमगढ़। 'होम्योपैथी असाध्य रोगों के निदान में समर्थ है। अपनी गुणवत्ता के कारण सम्पूर्ण विश्व में जानी जाती है''। उक्त विचार  होम्योपैथी मेडिकल कालेज औरंगाबाद के आरगेनान आॅफ मेडिसिन के प्रोफेसर डा0 पार्था ने एक मैरेज हाल में डा0 गुलाब चन्द बरनवाल की पुण्यतिथि पर रविवार को आयोजित एक कान्फे्रन्स में ''स्कोप आॅफ होम्योपैथी एज अण्डर स्टुड टुडे'' विषय पर व्याख्यान देते हुए व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि होम्योपैथी अत्यन्त कारगर चिकित्सा पद्धति है। शरीर पर इसकी दवाओं का कोई दुस्प्रभाव  नहीं पड़ता। डॉ0 पार्था ने होम्योपैथी के विकास एवं जनसाधारण की चिकित्सा पद्धति बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का शुभारभ  प्रख्यात होम्योपैथी चिकित्सक डा0 भक्तवत्सल , श्रीमती ऊषा बर्नवाल, एवं डा0 बी0 चौबे ने दीप प्रज्जवलित कर किया और इस पैथी के जनक डा0 सैमुअल हैनीमन एवं स्व0 डा0 बर्नवाल के चित्र पर माल्यार्पण कर उनको श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
कान्फ्रेन्स में डा0 नित्यानन्द दूबे, डा0 प्रमोद गुप्ता, ने स्व0 डा0 गुलाब चन्द बर्नवाल के जीवन वृत्त एवं उनके संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरखपुर के होम्योपैथिक चिकित्सक डा0 के0 के0 श्रीवास्तव ने किया। अतिथियों का स्वागत डा0 नेहा दूबे एवं डा0 देवेश दूबे ने किया।
कान्फ्रेंस में होम्योपैथी क्षेत्र में विशेष योगदान करने वाले चिकित्सकों को डा0 गुलाब चन्द बर्नवाल मेमोरियल अवार्ड प्रदान किया गया।
इस मौके पर डा0 धर्मराज सिंह, डा0 राजेश तिवारी, डा0 नवीन दूबे, डा0 नीरज सिंह, डा0 सलमानी, डा0 वरूण चौबे, डा0 पूजा पाण्डेय, डा0 गिरीश सिंह, डा0 राजकुमार राय, डा0 बी0 पाण्डेय, डा0 रणधीर सिंह, डा0 पूजा सिंह, डा0 संजय कुमार0 डा0 राजीव पाण्डेय, डा0 अनिल बर्नवाल, शरद बर्नवाल, सुनील बर्नवाल, सूर्यकान्त बर्नवाल, डा0 प्रभात यादव, डा0 राजीव आनन्द, डा0 चमन लाल, आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
अन्त में डा0 देवेश दूबे ने सभी  के प्रति आभार  व्यक्त किया। कान्फे्रंस का संचालन रामनरायन पाण्डेय ने किया।
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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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