मुबारकपुर /आज़मगढ़ : अरबी यूनिवर्सिटी अलजामे अतुल अशरफिया मुबारकपुर के संस्थापक एवं महान सूफी संत हुजूर हाफ़िज़ ए मिल्लत मौलाना शाह अब्दुल अज़ीज़ मुरादाबादी के 41 वें उर्स पाक के दूसरे दिन शुक्रवार की देर रात कुल शरीफ कार्यक्रम के बाद 548 छात्रों की दस्तार बन्दी कर पगड़ी उलमाओं के मुक़द्दस हाथों से बाँधी गयी , इसी के साथ दो रोज़ा उर्स सम्पन हुआ । जिन छात्रों को उपाधि दी गयी उनमे 183 मौलाना, 248 हाफ़िज़ व कारी समेत 548 देश विदेश के छात्रों के सर पगड़ी बाँधी गयी । लगभग रात को दस्तार बन्दी एवं कुल शरीफ के दौरान लाखों जायरीनों की आँखें नम रही और भावभीन खेराजे अकीदत पेश किया गया। शुक्रवार की रात जामिया अशरफिया के कुलपति सरबराहे आला मौलाना अब्दुल हफ़ीज़ साहब की अध्यक्षता में जलसा का आयोजन हुआ जिसमे में देश विदेश के प्रसिद्ध उल्माओं ने भाग लिया जिसमे पूर्व सांसद मौलाना ओबैदुल्लाह खान आज़मी, लन्दन से आये इस्लामिक वर्ल्ड मिशन के महासचिव मौलाना कमरूजज़मा आज़मी, मौलाना यासीन अख्तर मिस्बाही दिल्ली, मौलाना इदरीस बस्तवी. इंजीनियर मौलाना फजलुल्लाह चिश्ती दिल्ली, मौलाना मकबूल अहमद मिस्बाही, मौलाना आरिफ इकबाल मधुबनी , मौलाना मुबारक हुसैन मिस्बाही, मौलाना नईमुद्दीन अज़ीज़ी, मौलाना ज़ाहिद सलामी, मुफ़्ती मौलाना नेज़ामुद्दीन , मुफ़्ती अब्दुल हक़, मौलाना मुजाहिद हुसैन हबीबी मिस्बाही , कोलकाता, समेत दर्जनों नामचिन मौलानाओं की उपस्थिति में उर्स पाक सम्पन हुआ। इस अवसर पर मुल्क के तीन प्रसिद्ध ओलमाओं को हफ़ीज़ ए मिल्लत अवार्ड से समनानित किया गया जिसमे मौलाना अमीन मियां, माहरारा शरीफ, मौलाना कमरूज़्ज़मा आज़मी लन्दन, और मुफ़्ती सफी साहब मुबारकपुरी को दिया गया । इस से पूर्व लाखों ज़ायरीन को संबोधित करते हुए लन्दन से आये इस्लामिक मिशन वलर्ड के अंतररास्ट्रीय महासचिव मौलाना कमरूज़्ज़मा आज़मी ने कहा कि हाफ़िज़ ए मिल्लत के विचारों को जन जन तक पहुंचाए यही सच्ची अकीदत होगी। उन्होंने आह्वान किया कि अशरफिया की तरक्की के लिए हाफ़िज़ ए मिल्लत ने अपनी पूरी ज़िन्दगी क़ुर्बान कर दी इसलिए इनके अधूरे मिशन को पूरा करने के लिए आप लोग लग जाएँ । उर्स के अंत में अशरफिया के कुलपति मौलाना अब्दुल हफ़ीज़ साहब ने सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया और ज़िला पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद दिया कि पुलिस टीम ने भी पूरा पूरा सहयोग देकर उर्स को शान्ति पूर्वक सम्पन कराया। अंतिम दिन सुबह से ही जायरीनों की लाखों की भीड़ से अशरफिया का परिसर खचाखच भरा हुआ था। देश विदेश से आये जायरीनों ने भाग लेकर हाफ़िज़ ए मिल्लत की मज़ार पर फातेहा व चादर पोशी का सिलसिला जारी रहा । उर्स को सकुशल संपन्न कराने के लिए ज़िला प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी की ब्यवस्था रही और मुबारकपुर कोतवाल संतलाल यादव व आधा दर्जन थानों की पुलिस एवं दो प्लाटून पीएसी लगी रही थी।
दस्तार बंदी के साथ उर्स का हुआ समापन
मुबारकपुर /आज़मगढ़ : अरबी यूनिवर्सिटी अलजामे अतुल अशरफिया मुबारकपुर के संस्थापक एवं महान सूफी संत हुजूर हाफ़िज़ ए मिल्लत मौलाना शाह अब्दुल अज़ीज़ मुरादाबादी के 41 वें उर्स पाक के दूसरे दिन शुक्रवार की देर रात कुल शरीफ कार्यक्रम के बाद 548 छात्रों की दस्तार बन्दी कर पगड़ी उलमाओं के मुक़द्दस हाथों से बाँधी गयी , इसी के साथ दो रोज़ा उर्स सम्पन हुआ । जिन छात्रों को उपाधि दी गयी उनमे 183 मौलाना, 248 हाफ़िज़ व कारी समेत 548 देश विदेश के छात्रों के सर पगड़ी बाँधी गयी । लगभग रात को दस्तार बन्दी एवं कुल शरीफ के दौरान लाखों जायरीनों की आँखें नम रही और भावभीन खेराजे अकीदत पेश किया गया। शुक्रवार की रात जामिया अशरफिया के कुलपति सरबराहे आला मौलाना अब्दुल हफ़ीज़ साहब की अध्यक्षता में जलसा का आयोजन हुआ जिसमे में देश विदेश के प्रसिद्ध उल्माओं ने भाग लिया जिसमे पूर्व सांसद मौलाना ओबैदुल्लाह खान आज़मी, लन्दन से आये इस्लामिक वर्ल्ड मिशन के महासचिव मौलाना कमरूजज़मा आज़मी, मौलाना यासीन अख्तर मिस्बाही दिल्ली, मौलाना इदरीस बस्तवी. इंजीनियर मौलाना फजलुल्लाह चिश्ती दिल्ली, मौलाना मकबूल अहमद मिस्बाही, मौलाना आरिफ इकबाल मधुबनी , मौलाना मुबारक हुसैन मिस्बाही, मौलाना नईमुद्दीन अज़ीज़ी, मौलाना ज़ाहिद सलामी, मुफ़्ती मौलाना नेज़ामुद्दीन , मुफ़्ती अब्दुल हक़, मौलाना मुजाहिद हुसैन हबीबी मिस्बाही , कोलकाता, समेत दर्जनों नामचिन मौलानाओं की उपस्थिति में उर्स पाक सम्पन हुआ। इस अवसर पर मुल्क के तीन प्रसिद्ध ओलमाओं को हफ़ीज़ ए मिल्लत अवार्ड से समनानित किया गया जिसमे मौलाना अमीन मियां, माहरारा शरीफ, मौलाना कमरूज़्ज़मा आज़मी लन्दन, और मुफ़्ती सफी साहब मुबारकपुरी को दिया गया । इस से पूर्व लाखों ज़ायरीन को संबोधित करते हुए लन्दन से आये इस्लामिक मिशन वलर्ड के अंतररास्ट्रीय महासचिव मौलाना कमरूज़्ज़मा आज़मी ने कहा कि हाफ़िज़ ए मिल्लत के विचारों को जन जन तक पहुंचाए यही सच्ची अकीदत होगी। उन्होंने आह्वान किया कि अशरफिया की तरक्की के लिए हाफ़िज़ ए मिल्लत ने अपनी पूरी ज़िन्दगी क़ुर्बान कर दी इसलिए इनके अधूरे मिशन को पूरा करने के लिए आप लोग लग जाएँ । उर्स के अंत में अशरफिया के कुलपति मौलाना अब्दुल हफ़ीज़ साहब ने सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया और ज़िला पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद दिया कि पुलिस टीम ने भी पूरा पूरा सहयोग देकर उर्स को शान्ति पूर्वक सम्पन कराया। अंतिम दिन सुबह से ही जायरीनों की लाखों की भीड़ से अशरफिया का परिसर खचाखच भरा हुआ था। देश विदेश से आये जायरीनों ने भाग लेकर हाफ़िज़ ए मिल्लत की मज़ार पर फातेहा व चादर पोशी का सिलसिला जारी रहा । उर्स को सकुशल संपन्न कराने के लिए ज़िला प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी की ब्यवस्था रही और मुबारकपुर कोतवाल संतलाल यादव व आधा दर्जन थानों की पुलिस एवं दो प्लाटून पीएसी लगी रही थी।


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