जनपद के सांस्कृतिक धरोहरों की पेंटिंग्स ने दर्शकों को किया आकर्षित
आजमगढ। आजमगढ फाइन आर्ट सेंटर एवं पूर्वांचल विकास आंदोलन द्वारा सिधारी स्थित श्रीमन मंगलम होटल में आयोजित दो दिवसीय पेटिंग प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रसिद्ध फिल्म स्टार एवं समाजसेवी शबाना आजमी ने रविवार को किया। प्रदर्शनी में महिला कलाकारों द्वारा प्रदर्शित की गयी कृतियों को देखने के बाद उन्होंने कहा कि जनपद के महिलाओं द्वारा अपने विचारों को कैनवास पर जिस आकर्षक तरीके से उकेरा गया वह बहुत काबिले तारीफ है। इन पेंटिंग को देख कर लगता है आजमगढ़ के कलाकार किसी से कम नहीं है। महिला बहुत कुछ कर सकती है और यहाँ उसने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा कर यह साबित किया है। बाल कलाकार साक्षी पाण्डेय की कलाकृति से प्रभावित होकर उसे मेजवा आमंत्रित किया। मुख्य अतिथि अपर मण्डलायुक्त अनिल कुमार मिश्र ने प्रदर्शनी में लगी पेंटिंगों को देखा और कलाकारों की खूब सराहना की। आज़मगढ़ की संस्कृति पर लगी पेंटिंगों में विशेष रूचि दिखलायी ।
प्रदर्शनी में आजमगढ़ फाइन आर्ट सेंटर की 23 महिला कलाकारों द्वारा निर्मित 65 कृतियों को प्रदर्शित किया गया। सबसे खास बात यह रही कि आजमगढ़ की संस्कृति एवं कला को पहली बार इतने बड़े पैमाने पर जनपद के कलाकारों ने आम जनमानस के समक्ष प्रस्तुत किया है। कैनवास पर इतिहास के पन्नों के ऋषि मुनियों से लेकर निजामाबाद के कुम्हार की चाक से माटी की खुशबू इस प्रदर्शनी ने खूब फैलायी।
प्रदर्शनी में शिव की जटाओं पर चन्द्रमा ऋषि को आधुनिक कला में कैनवास पर अंकिता सिन्हा ने उतारा है। मधुबनी शैली में दत्तात्रेय ऋषि को श्वेता एवं दुर्वासा ऋषि को दीपशिखा ने प्रदर्शित किया है। दुर्वासा ऋषि को शकुंतला प्रसंग के साथ बड़े रोचक ढंग से पेटिंग में दिखाया गया है। सदफ बेग ने अल्लामा शिब्ली नोमानी एवं सृष्टि तिवारी ने राहुल सांकृत्यायन के व्यक्ति चित्र को प्रस्तुत किया है। अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध के व्यक्ति चित्र को सलोनी अग्रवाल एवं किराना घराना और बनारस गायकी के मुख्य गायक छन्नू लाल मिश्रा को जया गौड़ ने बड़े आकर्षक ढंग से दर्शकों के सामने रखा। अंकिता की ‘‘बर्तन बनाते कुम्भकार व बर्तनों को सहेजती घर की महिलाएं’’ पेटिंग में निजामाबाद की कुम्भकारी को देखा जा सकता है।
फाइन आर्ट सेंटर की निदेशिका डॉ लीना मिश्रा द्वारा निर्मित पेटिंग कैफी आजमी का व्यक्ति चित्र शबाना को भाव विभोर कर दिया और एक टक अपने अब्बू को देखती नजर आयी। प्रदर्शनी में यूरोपियन, पोट्रेट, माडर्न, लैंडस्केप एवं विभिन्न प्रकार की पेटेंड बेडसीट प्रदर्शनी की गयी। प्रदर्शनी में अतिथियों का स्वागत दयाशंकर सिंह ने किया और कहा कि आज़मगढ़ जनपद को बहुत गर्व है कि यहाँ ऐसी प्रतिभाएं है।
प्रदर्शनी में मुख्य रूप डॉ दुर्गा प्रसाद अस्थाना, डॉ कौशलेन्द्र मिश्र, एकता सिंह, अशोक गौर, डॉ अशोक श्रीवास्तव, सिद्धार्थ सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, विश्वजीत सिंह पालीवाल,पूनम गौड़, शैलेन्द्र सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, राधा मोहन, विकास वर्मा समेत तमाम लोगों ने शिरकत की। यह प्रदर्शनी 2 दिनों के लिए लगायी गयी है।
प्रदर्शनी में आजमगढ़ फाइन आर्ट सेंटर की 23 महिला कलाकारों द्वारा निर्मित 65 कृतियों को प्रदर्शित किया गया। सबसे खास बात यह रही कि आजमगढ़ की संस्कृति एवं कला को पहली बार इतने बड़े पैमाने पर जनपद के कलाकारों ने आम जनमानस के समक्ष प्रस्तुत किया है। कैनवास पर इतिहास के पन्नों के ऋषि मुनियों से लेकर निजामाबाद के कुम्हार की चाक से माटी की खुशबू इस प्रदर्शनी ने खूब फैलायी।
प्रदर्शनी में शिव की जटाओं पर चन्द्रमा ऋषि को आधुनिक कला में कैनवास पर अंकिता सिन्हा ने उतारा है। मधुबनी शैली में दत्तात्रेय ऋषि को श्वेता एवं दुर्वासा ऋषि को दीपशिखा ने प्रदर्शित किया है। दुर्वासा ऋषि को शकुंतला प्रसंग के साथ बड़े रोचक ढंग से पेटिंग में दिखाया गया है। सदफ बेग ने अल्लामा शिब्ली नोमानी एवं सृष्टि तिवारी ने राहुल सांकृत्यायन के व्यक्ति चित्र को प्रस्तुत किया है। अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध के व्यक्ति चित्र को सलोनी अग्रवाल एवं किराना घराना और बनारस गायकी के मुख्य गायक छन्नू लाल मिश्रा को जया गौड़ ने बड़े आकर्षक ढंग से दर्शकों के सामने रखा। अंकिता की ‘‘बर्तन बनाते कुम्भकार व बर्तनों को सहेजती घर की महिलाएं’’ पेटिंग में निजामाबाद की कुम्भकारी को देखा जा सकता है।
फाइन आर्ट सेंटर की निदेशिका डॉ लीना मिश्रा द्वारा निर्मित पेटिंग कैफी आजमी का व्यक्ति चित्र शबाना को भाव विभोर कर दिया और एक टक अपने अब्बू को देखती नजर आयी। प्रदर्शनी में यूरोपियन, पोट्रेट, माडर्न, लैंडस्केप एवं विभिन्न प्रकार की पेटेंड बेडसीट प्रदर्शनी की गयी। प्रदर्शनी में अतिथियों का स्वागत दयाशंकर सिंह ने किया और कहा कि आज़मगढ़ जनपद को बहुत गर्व है कि यहाँ ऐसी प्रतिभाएं है।
प्रदर्शनी में मुख्य रूप डॉ दुर्गा प्रसाद अस्थाना, डॉ कौशलेन्द्र मिश्र, एकता सिंह, अशोक गौर, डॉ अशोक श्रीवास्तव, सिद्धार्थ सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, विश्वजीत सिंह पालीवाल,पूनम गौड़, शैलेन्द्र सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, राधा मोहन, विकास वर्मा समेत तमाम लोगों ने शिरकत की। यह प्रदर्शनी 2 दिनों के लिए लगायी गयी है।

Blogger Comment
Facebook Comment