आजमगढ़ : फूलपुर: सिनेमैटोग्राफर बाबा आजमी व उनकी पत्नी सिने तारिका तन्वी आजमी रविवार को शाम 4 बजे मेजवां गांव पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणो ने उनका भव्य स्वागत किया। बाबा आजमी लगभग 8 वर्ष बाद अपने पैतृक गांव आये हैं । उन्हे पहले की अपेक्षा गांव काफी बदलाव देखने को मिला। शायर कैफी आजमी के पुत्र बाबा आजमी और उनकी पत्नी तन्वी आजमी व उनके सहयोगी पूरज कपूर के आने की सूचना पर ग्रामीण मेजवां गांव स्थित फतेह मजिल पर इकठ्ठा हुए थे। इस दौरान शाम लगभग पांच बजे जापान की छात्रा आसुका भी मेजवां गाव पहुची जो इलाहाबाद विश्वविद्यालय में उर्दू भाषा से पीएचडी की छात्रा है। आसुका ने बताया कि टोकियो विश्व विद्यालय मे अध्यनरत छात्रो द्वारा इकठ्ठा की गई धनराशि सहायता के रूप में मिजवां सोसायटी को देंगी । बातचीत में बाबा आजमी ने बताया कि मुझे गांव पहले से भी अच्छा लग रहा है। जब भी मै आता हूं तो खेतो में सरसो का फूल देख मन उत्साहित होता है और मुझे यह मौसम भी काफी पसंद है जब भी मै अपने वतन आने की योजना बनाता हॅू तो मैं इसी मौसम मेें आता हॅू।
तन्वी व बाबा आज़मी का मिजवां में हुआ स्वागत
आजमगढ़ : फूलपुर: सिनेमैटोग्राफर बाबा आजमी व उनकी पत्नी सिने तारिका तन्वी आजमी रविवार को शाम 4 बजे मेजवां गांव पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणो ने उनका भव्य स्वागत किया। बाबा आजमी लगभग 8 वर्ष बाद अपने पैतृक गांव आये हैं । उन्हे पहले की अपेक्षा गांव काफी बदलाव देखने को मिला। शायर कैफी आजमी के पुत्र बाबा आजमी और उनकी पत्नी तन्वी आजमी व उनके सहयोगी पूरज कपूर के आने की सूचना पर ग्रामीण मेजवां गांव स्थित फतेह मजिल पर इकठ्ठा हुए थे। इस दौरान शाम लगभग पांच बजे जापान की छात्रा आसुका भी मेजवां गाव पहुची जो इलाहाबाद विश्वविद्यालय में उर्दू भाषा से पीएचडी की छात्रा है। आसुका ने बताया कि टोकियो विश्व विद्यालय मे अध्यनरत छात्रो द्वारा इकठ्ठा की गई धनराशि सहायता के रूप में मिजवां सोसायटी को देंगी । बातचीत में बाबा आजमी ने बताया कि मुझे गांव पहले से भी अच्छा लग रहा है। जब भी मै आता हूं तो खेतो में सरसो का फूल देख मन उत्साहित होता है और मुझे यह मौसम भी काफी पसंद है जब भी मै अपने वतन आने की योजना बनाता हॅू तो मैं इसी मौसम मेें आता हॅू।

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