सोनीपत में काम करती थी,सीतापुर की राधा के साथ मुंबई गई थी
आजमगढ़: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई फायरिंग के मामले में आजमगढ़ की युवती बबीता का नाम सामने आने के बाद उसके परिवार वालों के होश उड़ गए हैं। तहबरपुर थाना क्षेत्र के कोठियार गांव की रहने वाली बबीता करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में हरियाणा के सोनीपत गई थी। परिजनों के मुताबिक, वहां वह पैकिंग का काम करती थी। परिवार का कहना है कि इससे पहले बबीता का नाम किसी आपराधिक मामले में सामने नहीं आया था। परिजनों के अनुसार, गांव की पूजा और उसके पति राजनाथ पहले से सोनीपत में काम करते थे। करीब दो साल पहले गांव आने पर उन्होंने वहां पैकिंग के काम में हर महीने 10 से 12 हजार रुपये मिलने की जानकारी दी थी। इसके बाद बबीता अपनी मौसी के बेटे रवि, उसकी पत्नी और गांव की गुंजना के साथ सोनीपत चली गई। पूजा और राजनाथ कुछ महीने बाद गांव लौट आए, जबकि बबीता और उसके साथ गए लोग वहीं काम करते रहे। सोनीपत में रहने के दौरान बबीता की मुलाकात सीतापुर जिले के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र के नहवैया गांव की राधा से हुई थी। जून 2026 में बबीता गांव में एक शादी में शामिल होने आई थी। उस दौरान उसने परिजनों को राधा के बारे में भी बताया था। बबीता के पिता रामजतन राम खेती-किसानी के साथ मजदूरी करते हैं। तीन बेटियों में बबीता सबसे छोटी है। उसकी दोनों बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि उसके दो भाई हैं। इनमें एक राजस्थान और दूसरा लुधियाना में रहता है। बबीता की बहन नीलम के मुताबिक, उसने स्नातक तक पढ़ाई की है और करीब दो साल पहले नौकरी के लिए सोनीपत गई थी। टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले में बबीता का नाम सामने आने के बाद परिवार के लोग परेशान हैं। उसके पिता तहबरपुर थाने पहुंचकर बेटी के संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं। परिजनों को इस बात की जानकारी नहीं है कि बबीता का नाम इस मामले में कैसे जुड़ा। परिवार की ओर से उसकी कथित भूमिका के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। मामले में बबीता का नाम सामने आने के बाद आजमगढ़ पुलिस भी सक्रिय हो गई है। पुलिस उसके पारिवारिक और सामाजिक संपर्कों तथा सोनीपत में रहने के दौरान की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। वहीं दिल्ली और मुंबई पुलिस हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही हैं। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, बबीता सोनीपत में पैकिंग का काम करती थी और कुछ समय रिश्तेदारों के साथ वहां रही थी। स्थानीय पुलिस उसके संपर्कों और पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी एकत्र कर रही है। एसपी के मुताबिक, मामले में हथियारों की आपूर्ति कहां से हुई, इसकी भी जांच की जा रही है। अभी तक आजमगढ़ पुलिस को ऐसा कोई तथ्य नहीं मिला है, जिससे हथियारों के स्रोत का जिले से संबंध होने की पुष्टि हो। इस पहलू की जांच मुंबई पुलिस कर रही है। आजमगढ़ पुलिस दिल्ली, हरियाणा और मुंबई पुलिस के संपर्क में है तथा जरूरत पड़ने पर संबंधित एजेंसियों को सहयोग दिया जाएगा।
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