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आजमगढ़: रक्तदान कर राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल ने मनाया स्थापना दिवस



सियासत और इंसाफ के लिए संघर्ष ही पार्टी की स्थापना का मकसद : मौलान
 आमिर रशादी

आजमगढ़: राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल ने रविवार चार अक्टूबर को अपना स्थापना दिवस मानव सेवा और जनसंघर्ष को समर्पित करते हुए मनाया। स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी की ओर से रशाद नगर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया।
शिविर का उद्घाटन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने किया। इस अवसर पर मौलाना रशादी ने कहा कि राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल का उद्देश्य मानवसेवा और जनसंघर्ष के माध्यम से लोगों तक पहुंचना है। उन्होंने कहा कि काउंसिल देश और प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर स्थापना दिवस मनाकर लोगों तक अपना संदेश पहुंचा रही है। काउंसिल किसी जाति या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि इंसानियत और समाज के वास्तविक हित के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि रक्तदान, पर्यावरण जागरूकता, गरीबों में वस्त्र वितरण, मरीजों की मदद और जरूरतमंदों की सहायता जैसे सामाजिक कार्यों के माध्यम से काउंसिल लगातार समाज की सेवा कर रही है। स्थापना दिवस पर मेडिकल कैंप व सामाजिक एवं जागरूकता अभियानों में भी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए मौलाना आमिर रशादी ने कहा कि आज मुसलमानों को राजनीतिक अहंकार और विपक्ष दोनों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल वोट के लिए मुसलमानों को डराने और उनके मुद्दों का इस्तेमाल करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अब केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी और अधिकारों के लिए संघर्ष करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस समेत विभिन्न दलों की राजनीति में मुसलमानों की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। मौलाना रशादी ने कहा कि मुसलमानों को अपने अधिकार और वजूद के लिए खुद लड़ना होगा। राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल लगातार इसके लिए संघर्ष कर रही है और समाज को जागरूक करने का काम जारी रखेगी। मौलाना रशादी ने समाजवादी पार्टी के हालिया राज्यसभा प्रत्याशी चयन पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के वोट PDA में देगा अल्पसंख्यक (VDA) और राज्यसभा जायेंगे चाचा और धनपशु और मुसलमानों के वोट से जीते हुए विधायकों के द्वारा बनाये गए राज्यसभा सांसद राज्यसभा में मुसलमानों के विरुद्ध बनने वाले कानून पर वोट करेंगे, क्या आजम खान की बीवी को राज्यसभा नहीं भेज सकती थी? क्या सपा को समर्थन करने वाले जेल में कैद मौलाना रजा के परिवार से किसी को राज्यसभा नहीं भेजा जा सकता था? क्या किसी पस्मांदा मुसलमान को राज्यसभा नहीं भेजा जा सकता था? पिता भाजपा का राज्यसभा सदस्य और बेटा सपा का राज्यसभा सदस्य ये रिश्ता क्या कहलाता है? इस अवसर पर पार्टी के तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे, जिसमें मुख्य प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह, महासचिव नूरुल हुदा, जिला अध्यक्ष मोतीउल्लाह शेख, अबसार शेख, आसिफ कुरैशी, मेराज खान, मनीराम गौतम, जेशा अंसारी आदि।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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