एक सप्ताह पूर्व संघ के कार्यक्रम में कुलपति के जाने पर किया था विरोध प्रदर्शन
आजमगढ़: समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने 1 सितंबर 2026 को आरएसएस द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के कुलपति प्रो. संजीव कुमार द्वारा किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे समाजवादी छात्र सभा के 15 छात्रों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और कोतवाली सदर के लॉकअप में करीब सात घंटे तक रखे जाने का विरोध किया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान छात्रों को उपशब्द कहे गए और पानी मांगने के बावजूद उन्हें पानी उपलब्ध नहीं कराया गया। छात्रों की रिहाई के बाद एक पुलिस अधिकारी द्वारा कथित रूप से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर भयभीत किया गया तथा राजनीति से दूर रहने की बात कही गई। प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से मुलाकात कर सीओ सिटी के कथित व्यवहार को असंवैधानिक बताते हुए कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार हैं। पुलिस के कथित रवैये से छात्रों में आक्रोश है और अधिकारियों के ऐसे व्यवहार से टकराव की स्थिति पैदा होती है। सपा प्रतिनिधिमंडल ने जिले में बढ़ते अपराध, सामंती तत्वों द्वारा पीडीए वर्ग के लोगों के कथित दमन तथा पुलिस द्वारा शिकायतों पर रिपोर्ट दर्ज न किए जाने का मुद्दा भी उठाया। नेताओं ने आरोप लगाया कि थानों और तहसीलों पर धन उगाही तथा दबंगों के प्रभाव में अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मनमाने फैसले किए जाने से जनता परेशान है। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के प्रभाव में पुलिस द्वारा जमीनों पर जबरन कब्जा कराया जा रहा है। सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो समाजवादी पार्टी धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी। प्रतिनिधिमंडल में सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, सांसद दरोगा प्रसाद सरोज, विधायक अखिलेश यादव, विधायक डॉ. संग्राम यादव, विधायक कमलाकांत राजभर, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव, सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव, ओम प्रकाश राय, शिवसागर यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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