कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने सगड़ी के पांच गांवों में बांटी राहत सामग्री, 16 गांवों में नावों की व्यवस्था
आजमगढ़ : सगड़ी तहसील के बाढ़ प्रभावित पांच गांवों के 886 परिवारों को मंगलवार को राहत सामग्री वितरित की गई। आराजी देवारा नैनीजोर स्थित वर्मा श्याम दुलारी महाविद्यालय में बनाए गए राहत शिविर में कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों को राहत किट दी। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने में सरकार कोई कमी नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन प्रभावित परिवारों तक भोजन, दवा और जरूरी सामग्री पहुंचा रहा है। मुखलिसपट्टी, अजगरा मगर्वी, मानिकपुर, देवारा गरीब दूबे और देवारा अचल सिंह के 886 परिवारों को राहत किट दी गई। इसमें चावल, आटा, दाल, आलू, प्याज, तेल, नमक और मसाले के साथ साबुन, मोमबत्ती, माचिस, बाल्टी, मग, लाई, चना और चीनी आदि सामग्री शामिल है। मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के लोग वर्षों से बाढ़ की समस्या झेल रहे हैं। प्राकृतिक आपदा को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन प्रभावित परिवारों को समय से राहत और सहायता उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। ग्रामीणों ने छोटी पुलिया और रास्तों से संबंधित समस्याओं का मांगपत्र भी सौंपा। मंत्री ने बताया कि जिलाधिकारी ने क्रिटिकल गैप फंड से आवश्यक कार्य कराने का आश्वासन दिया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि इस वर्ष सगड़ी तहसील के 16 गांवों में बाढ़ के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में नावों की व्यवस्था की गई है और प्रत्येक प्रभावित परिवार को राहत किट उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ एवं कटान की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पहले से तैयारियां की थीं। सहबदिया, सुल्तानपुर, देवारा खास राजा और गांगेपुर समेत प्रमुख कटान प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई विभाग ने कटानरोधी कार्य कराए हैं। कहीं बोल्डर डंपिंग, कहीं जियो बैग तो कहीं पर्क्युपाइन स्ट्रक्चर के माध्यम से कटान रोकने का प्रयास किया गया है। डीएम ने बताया कि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने पर विद्यालयों को राहत केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। वहीं गोलाघाट क्षेत्र में करीब एक हेक्टेयर सरकारी भूमि पर लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से कंट्रोल सेंटर विकसित किया जा रहा है। इसमें एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों तथा अधिकारियों के ठहरने के साथ प्रभावित लोगों के प्राथमिक उपचार की व्यवस्था प्रस्तावित है। बाढ़ प्रभावितों के लिए छह शेड बनाए जाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ के कारण जनसामान्य को न्यूनतम कठिनाई हो। किसी भी समस्या की स्थिति में जिला प्रशासन तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। जनपद स्तर पर प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जनता दर्शन के माध्यम से आमजन की समस्याएं सुनी जा रही हैं। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह, उप जिलाधिकारी सगड़ी, तहसीलदार सगड़ी, बीडीओ सहित संबंधित अधिकारी, जनप्रतिनिधि, राहत एवं बचाव कार्य से जुड़े कार्मिक और बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित ग्रामीण उपस्थित रहे।
Blogger Comment
Facebook Comment