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आजमगढ़: जौहर यूनिवर्सिटी के भवन गिराने के प्रस्ताव का सपा ने किया विरोध



राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, ध्वस्तीकरण पर रोक और वैधानिक समाधान की उठाई मांग

वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियां शिक्षा विरोधी - नफीस अहमद

आजमगढ़: रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में समाजवादी पार्टी ने सोमवार को प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत आजमगढ़ में प्रदर्शन किया। समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष हकीम बेग के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने "जौहर यूनिवर्सिटी का सम्मान करो", "ध्वस्तीकरण पर रोक लगाओ", "शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ" जैसे नारे लगाए। बड़ी संख्या में सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए।
गोपालपुर विधायक नफीस अहमद ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर प्रदेशभर में यह आंदोलन चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान का निर्माण वर्षों की मेहनत और संसाधनों से होता है, जबकि सरकार 38 भवनों को गिराने की तैयारी कर रही है, जिससे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय देश-विदेश के विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। यदि भवनों या भूमि से जुड़ी कोई तकनीकी अथवा प्राधिकरण संबंधी समस्या है तो उसका समाधान कानून के दायरे में किया जाना चाहिए। विधायक ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियां शिक्षा विरोधी हैं और गरीब, किसान, पिछड़े, दलित तथा अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकने तथा नियमानुसार शुल्क लेकर भवनों के नियमितीकरण की व्यवस्था करने की मांग की।
समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष हकीम बेग ने कहा कि प्रस्तावित कार्रवाई से हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों का भविष्य जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि किसी भी विवाद का समाधान संविधान, कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप वैधानिक प्रक्रिया के तहत किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
एससी-एसटी आयोग की पूर्व सदस्य सना परवीन ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को लेकर राजनीति उचित नहीं है। उनका कहना था कि सरकार को शिक्षण संस्थानों को सुरक्षित रखने पर ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रदेश सचिव मेराज अहमद ने आरोप लगाया कि सरकार द्वेष की भावना से कार्य कर रही है और भाईचारे के माहौल को प्रभावित कर रही है।
ज्ञापन में राज्यपाल से छात्रहित और जनहित को ध्यान में रखते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने, पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराने तथा विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
प्रदर्शन में प्रदेश सचिव मेराज अहमद, वामिक खान, सना परवीन, शहीम खान, शाह आलम, मोहम्मद फहद, अशफाक अहमद, डॉ. शकील अहमद, अख्तर इम्तेयाज, अफताब, जावेद खान, अरशद, मोहम्मद आलम खान, आरिफ, मुन्नवर अहमद, नौशाद, अबु हुजैफा, खालिद जफर, पप्पू मलिक सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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