प्रैक्टिस पर रोक संबंधी व्यवस्था वापस लेने और शासकीय अधिवक्ता पर हमले का जताया विरोध
आजमगढ़: इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश के विरोध में मंगलवार को दीवानी कचहरी के अधिवक्ता पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने दीवानी न्यायालय परिसर से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इससे पहले दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ की साधारण सभा की आपात बैठक संघ के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह की अध्यक्षता एवं मंत्री अनुराग कुमार दीक्षित के संचालन में हुई। बैठक में अधिवक्ताओं ने उस प्रस्तावित व्यवस्था पर आपत्ति जताई, जिसके तहत सात वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले अपराध में एफआईआर दर्ज होते ही अधिवक्ता की प्रैक्टिस पर रोक लगाने की बात कही गई है। अधिवक्ताओं का कहना था कि ऐसी व्यवस्था उनके पेशेवर अधिकारों और स्वतंत्र रूप से वकालत करने के अधिकार को प्रभावित करती है तथा इस पर व्यापक विमर्श आवश्यक है। बैठक में शासकीय अधिवक्ता इन्द्रेश मणि त्रिपाठी पर हुए प्राणघातक हमले की निंदा करते हुए हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की गई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर तक मार्च निकालकर न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ताओं की गरिमा और स्वतंत्रता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी भी निर्णय से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और अधिवक्ताओं के वैधानिक अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और मांगों से संबंधित प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजने का निर्णय लिया गया।
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