प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय था गैंग, ठगी का माल, तमंचा और कारतूस बरामद
आजमगढ़: सरायमीर पुलिस ने महिलाओं को भूत-प्रेत, तंत्र-मंत्र और पारिवारिक संकट का भय दिखाकर जेवर व नकदी ठगने वाले अंतरजनपदीय टप्पेबाज गिरोह के सरगना को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। उसके कब्जे से ठगी का माल, नकदी, अवैध तमंचा, कारतूस और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार 9 मई 2026 को चंदा देवी पत्नी शिसपाल निवासी राजापुर सिकरौर, थाना सरायमीर ने तहरीर देकर बताया था कि ठठेरी बाजार के पास दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनके पति पर भूत-प्रेत का साया होने की बात कहकर उसे दूर करने के नाम पर कान की झाली, गले का लॉकेट, मोबाइल फोन तथा एक लाख रुपये ठग लिए थे। इस मामले में थाना सरायमीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान 1 जून की रात प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे को सूचना मिली कि महिला से ठगी करने वाले दो अपराधी फूलपुर से खरेवा की ओर मोटरसाइकिल से आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। करछा मंदिर के पास पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे और कच्चे रास्ते पर मोटरसाइकिल फिसल कर गिर गई। इस दौरान एक आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया, जबकि दूसरे आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद फायरिंग जारी रखने पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी की पहचान इम्तियाज खान पुत्र नासिर खान निवासी मौलाना आजाद नगर, निकट उस्मानिया मस्जिद, गली नंबर-16, थाना क्वार्सी, जनपद अलीगढ़, हाल पता फरीदीपुर दुबग्गा, गली नंबर-11, बमरौली फाटक, थाना ठाकुरगंज, जनपद लखनऊ के रूप में हुई। उसकी उम्र करीब 48 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने उसके पास से एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन, दो कान की झालियां, एक नाक की कील, एक लॉकेट, 11,100 रुपये नकद, एक देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर थाना सरायमीर में नया मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने भाई के साथ मोटरसाइकिल से विभिन्न क्षेत्रों की रेकी करता था। दोनों अधेड़ उम्र की महिलाओं को निशाना बनाकर उन्हें जादू-टोना, तंत्र-मंत्र या परिवार पर संकट का भय दिखाते थे। विश्वास में लेने के बाद शुद्धिकरण की प्रक्रिया का झांसा देकर जेवर, नकदी और अन्य कीमती सामान अपने कब्जे में ले लेते थे तथा महिला को पीछे मुड़कर देखे बिना 51 कदम चलने के लिए कहते थे। इसी दौरान दोनों सामान लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ आजमगढ़ के अलावा बरेली, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस फरार दूसरे आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है।
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