एंटी करप्शन कोर्ट का फैसला, भूमि प्रमाणपत्र के नाम पर घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था
आजमगढ़: भूमि प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद एंटी करप्शन कोर्ट ने आरोपी लेखपाल को दोषी करार देते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास तथा 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश (एंटी करप्शन कोर्ट संख्या-1) अजय कुमार शाही ने शनिवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार भ्रष्टाचार निवारण संगठन की गोरखपुर इकाई को शिकायत मिली थी कि लालगंज तहसील में तैनात राजस्व लेखपाल भूमि प्रमाणपत्र जारी करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत के सत्यापन के बाद इंस्पेक्टर एन.पी. गौड़ के नेतृत्व में एंटी करप्शन टीम ने 12 दिसंबर 2013 को कार्रवाई करते हुए आरोपी लेखपाल मनपूजन चौहान पुत्र अज्ञात, निवासी बड़ागांव बहादुरपुर, थाना देवगांव को 500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। इस संबंध में बरदह थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पांच गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी मनपूजन चौहान को दोषी ठहराते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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