51GAME एप के जरिए 9.25 लाख की ठगी, 13 एटीएम कार्ड, मोबाइल व नकदी बरामद
आजमगढ़: साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान आरोपितों के बैंक खातों से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस ने उनके कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पहचान पत्र और नकदी बरामद की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना टीम ने यह कार्रवाई की। मामला मुबारकपुर थाना क्षेत्र के बम्हौर गांव निवासी मनोज यादव से जुड़ा है, जिनके साथ 51GAME नामक ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए 9.25 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई थी। पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पहले बिहार के भोजपुर जिले से अविनाश विजय को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच में वाराणसी निवासी शशांक खन्ना और कमलेश शर्मा की भूमिका सामने आई। दोनों को नोटिस के आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जहां उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार शशांक खन्ना पुत्र शत्रुधन खन्ना निवासी जियुधीपुर किरहिया, थाना भेलूपुर, जनपद वाराणसी तथा कमलेश शर्मा पुत्र सीताराम शर्मा निवासी आनंद विहार कॉलोनी, अकथा पहड़िया, थाना सारनाथ, जनपद वाराणसी ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। आरोपित अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को विभिन्न करंट खातों में कमीशन के आधार पर मंगवाते और ट्रांसफर करते थे। जांच में सामने आया कि शशांक खन्ना और कमलेश शर्मा ने एक केनरा बैंक खाते के माध्यम से मात्र दो दिनों में करीब 4 करोड़ 64 लाख रुपये का लेनदेन किया था। इस खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 52 साइबर शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खाते में मौजूद 3.56 लाख रुपये फ्रीज भी कराए हैं। गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 13 एटीएम कार्ड, दो पैन कार्ड, दो आधार कार्ड तथा 20,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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