निजामाबाद पुलिस ने पकड़ा, फर्जी दस्तावेजों से रजिस्ट्री के नाम पर की थी ठगी
आजमगढ़: थाना निजामाबाद पुलिस ने जमीन की रजिस्ट्री कराने के नाम पर 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, थाना निजामाबाद क्षेत्र के फरिहा निवासी शादाब आलम पुत्र सुहेल अहमद ने 26 मार्च 2025 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके रिश्तेदार साजिद पुत्र इश्तियाक अहमद ने उसे लखनऊ में जमीन दिलाने के नाम पर एहशान अहमद और साजिद हसन से मिलवाया था। आरोप है कि दोनों ने लगभग डेढ़ वर्ष के दौरान नकद, आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से कुल 32 लाख रुपये प्राप्त कर लिए। जब जमीन की रजिस्ट्री कराने की बात आई तो आरोपियों ने एक फर्जी जमीन मालिक खड़ा कर कूटरचित आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की। पीड़ित द्वारा रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। साथ ही एक आरोपी ने फर्जी हस्ताक्षर कर छह लाख रुपये का चेक भी दे दिया। इस मामले में थाना निजामाबाद पर मुकदमा संख्या 107/2025 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 406, 504 और 506 भादवि के तहत अभियोग पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उपनिरीक्षक चित्रांशु मिश्रा एवं उनकी टीम ने बुधवार सुबह करीब नौ बजे चकिया मोड़ से आरोपी एहशान अहमद पुत्र इम्तियाज निवासी चकिया हुसैनाबाद, थाना निजामाबाद, जनपद आजमगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की उम्र 44 वर्ष बताई गई है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपी के खिलाफ वर्ष 2019 के दो मामलों में धारा 138 एनआई एक्ट के तहत भी मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक चित्रांशु मिश्रा, कांस्टेबल रवि मौर्य तथा आरक्षी चालक कन्हैया गुप्ता शामिल रहे। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी भूमि क्रय-विक्रय से पहले संबंधित अभिलेखों और स्वामित्व की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य कर लें तथा किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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