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आजमगढ़: 31 जुलाई तक जिले में धारा 163 लागू, मोहर्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं के मद्देनजर प्रशासन अलर्ट


ड्रोन संचालन, धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक गतिविधियों पर रहेगी विशेष निगरानी, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

आजमगढ़: जनपद में आगामी मोहर्रम पर्व, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस)-2023 की धारा 163 लागू कर दी है। मुख्य राजस्व अधिकारी एवं प्रभारी अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) संजीव ओझा द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था 1 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 तक अथवा शासन से अन्य निर्देश प्राप्त होने तक प्रभावी रहेगी।
प्रशासन के अनुसार 25-26 जून को मोहर्रम का आयोजन प्रस्तावित है। इसके अलावा जून और जुलाई माह में टीजीटी परीक्षा, यूपीजीईई (प्री)-2026, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा, राजकीय इंटर कॉलेज प्रवक्ता परीक्षा, नीट-2026, यूपी टेट-2026 सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों और आयोगों की परीक्षाएं आयोजित होनी हैं। इन आयोजनों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है।
जारी आदेश में धरना-प्रदर्शन, जुलूस, आंदोलन और सार्वजनिक कार्यक्रमों के संबंध में शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। साथ ही भारत सरकार के नवीन ड्रोन नियम 2021-22 के तहत ड्रोन एवं यूएवी के संचालन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। वीवीआईपी सुरक्षा और संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए ड्रोन से उत्पन्न संभावित खतरों के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि धार्मिक स्थलों से जुड़े विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन मामलों को देखते हुए कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता बनी हुई है। ऐसे में व्यापक चेकिंग, पेट्रोलिंग और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
आदेश के तहत सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में धारा 163 के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे। वहीं सभी उप जिलाधिकारी अपने क्षेत्र में आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे तथा उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
प्रभारी एडीएम संजीव ओझा ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन विभिन्न अधिनियमों के साथ-साथ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 208 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। यदि किसी व्यक्ति या संस्था को इस आदेश में छूट अथवा शिथिलता की आवश्यकता हो तो वह जिला मजिस्ट्रेट, प्रभारी एडीएम (प्रशासन) अथवा संबंधित उप जिलाधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकता है, जिस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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