डूबने की बढ़ती घटनाओं पर प्रशासन अलर्ट, नाव यात्रा और जल स्रोतों के पास विशेष सावधानी बरतने को कहा
आजमगढ़: जनपद में लगातार सामने आ रही डूबने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को तालाब, पोखर और नदियों में स्नान करने से रोकें तथा जल स्रोतों के पास अकेला न छोड़ें। गर्मी के मौसम में बच्चे अक्सर नदी या तालाब में नहाने चले जाते हैं, जो उनकी जान के लिए खतरा बन सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर ही खेलने दें और पानी के पास मस्ती करने से बचाएं। थोड़ी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि तैरना न जानने वाले लोग नदी, तालाब और पोखरों से दूर रहें तथा पानी में खेलते समय धक्का-मुक्की या मजाक न करें। नाव यात्रा को लेकर भी जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जर्जर और टूटी-फूटी नावों पर यात्रा न करें। नाव साफ और सूखी होनी चाहिए तथा उसकी भार क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है। नाव पर लाइफ जैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और छोटे बच्चों को अकेले नाव पर यात्रा न करने दिया जाए। अधिक भार होने पर नाव दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि शराब या किसी अन्य मादक पदार्थ के सेवन के बाद पानी में प्रवेश करना जानलेवा साबित हो सकता है। जल में बने सुरक्षात्मक चिन्हों से आगे न जाएं और गहरे पानी में उतरने से बचें। नाव से नाव पर कूदना या पानी में सेल्फी लेना भी हादसे का कारण बन सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पानी में डूब रहा हो तो आसपास मौजूद लोग तुरंत उसकी मदद करें और एम्बुलेंस बुलाएं। यदि व्यक्ति सांस नहीं ले रहा हो तो उसकी नब्ज जांचकर सीपीआर देने के बाद तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। प्रशासन ने कहा कि थोड़ी सी सावधानी और जिम्मेदारी से कई हादसों को रोका जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि परिवार और समाज को सुरक्षित रखना केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की भी जिम्मेदारी है।
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