ट्रक में 7.50 कुंतल गेहूं मिला कम, उचित दर विक्रेता की दुकान से 90.19 कुंतल खाद्यान्न गायब मिला
आजमगढ़: जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न वितरण में बड़ी अनियमितता सामने आने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर चार लोगों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई विकास खंड बिलरियागंज, तहसील सगड़ी क्षेत्र में खाद्यान्न परिवहन एवं वितरण की जांच के दौरान की गई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सिंगल स्टेज परिवहन ठेकेदार ब्लॉक गोदाम बिलरियागंज से जुड़े ट्रक संख्या यूपी 93 टी 4551 को दुल्लहपार अंडरपास के पास रोका गया। मौके पर जिला पूर्ति अधिकारी, उपजिलाधिकारी सगड़ी तथा संबंधित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी मौजूद रहे। जांच में पता चला कि ट्रक में कुल नौ उचित दर विक्रेताओं का गेहूं एफसीआई चकवल से लोड किया गया था, जिसमें सात विक्रेताओं का खाद्यान्न पहले ही उतारा जा चुका था। शेष दो विक्रेताओं के लिए लगभग 36 कुंतल गेहूं ट्रक में होना चाहिए था, लेकिन जांच के दौरान केवल 28.50 कुंतल यानी 57 बोरी गेहूं ही मिला। इस प्रकार 7.50 कुंतल गेहूं कम पाया गया। इस मामले में पूर्ति निरीक्षक बिलरियागंज ने जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद थाना कंधरापुर में परिवहन एवं हैंडलिंग ठेकेदार भीमसेन यादव पुत्र अज्ञात निवासी 301 सिविल लाइंस आजमगढ़, उनके प्रतिनिधि मनबोध यादव पुत्र अज्ञात तथा ट्रक चालक अनिल पुत्र अज्ञात के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। जांच के दौरान ट्रक में लदे खाद्यान्न को उचित दर विक्रेता योगेश कुमार पुत्र अज्ञात निवासी ग्राम पंचायत मिरिया रेहड़ा, विकास खंड बिलरियागंज की दुकान पर पहुंचाया गया। दुकान खुलवाने पर वहां का स्टॉक लगभग खाली मिला। अभिलेखों के अनुसार 13 मई 2026 की शाम तक दुकान पर 6.38 कुंतल गेहूं एवं 87.81 कुंतल चावल उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन मौके पर केवल 2 बोरी गेहूं (1 कुंतल) तथा 6 बोरी चावल (3 कुंतल) ही पाए गए। इस प्रकार दुकान से कुल 84.81 कुंतल चावल और 5.38 कुंतल गेहूं सहित कुल 90.19 कुंतल खाद्यान्न कम मिला। प्रशासन ने इसे उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण नियंत्रण) आदेश 2016 का गंभीर उल्लंघन मानते हुए उचित दर विक्रेता योगेश कुमार के विरुद्ध भी आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत थाना कंधरापुर में मुकदमा दर्ज कराया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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