सालगिरह समारोह में जुटे लोगों पर चढ़ा दिया था वाहन, एक आरोपी सबूत के अभाव में बरी
आजमगढ़: सालगिरह समारोह में जुटे लोगों पर पिकअप वाहन चढ़ा देने से चार लोगों की मौत के चर्चित मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के कारावास और 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, दूसरे आरोपी को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट नंबर-1 अजय कुमार शाही ने शनिवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, तहबरपुर थाना क्षेत्र के इसरापार गांव निवासी रीना पत्नी संतोष के घर 20 जून 2022 को उनकी देवरानी की शादी की सालगिरह का कार्यक्रम आयोजित था। समारोह में रिश्तेदारों और गांव के काफी लोग मौजूद थे। गांव का बबलू पिकअप वाहन चलाता था और उसने रात करीब दस बजे अपनी पिकअप कुछ दूरी पर खड़ी कर दी थी। आरोप है कि थोड़ी देर बाद उसका दोस्त सूरज पुत्र अज्ञात निवासी चांदपुर कुशमहरा थाना कप्तानगंज पिकअप स्टार्ट कर आगे बढ़ाने लगा। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित हो गया और भीड़ को रौंदते हुए आगे जाकर नीम के पेड़ से टकराकर रुक गया। हादसे में रीना के ससुर रामसमुझ, रिश्तेदार हरिराम, उनका पुत्र अंगद, वंदना, भूमि तथा अर्जुन गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय हरिराम और उनके पुत्र अंगद की मौत हो गई। अगले दिन रामसमुझ ने भी दम तोड़ दिया, जबकि इलाज के दौरान अर्जुन की मृत्यु हो गई। पुलिस ने विवेचना पूरी कर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपी सूरज तथा बबलू के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभय दत्त गोंड एवं हरेंद्र सिंह ने कुल दस गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी सूरज को दोषी मानते हुए पांच वर्ष के कारावास एवं 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी बबलू को दोषमुक्त कर दिया।
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