जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जारी की एडवाइजरी, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की अपील
आजमगढ़: भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) लखनऊ द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार जनपद में 22 मई तक हीट वेव और लू जैसे हालात बने रहने की संभावना है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण रविंद कुमार ने आमजन से सावधानी बरतने की अपील की है। जिलाधिकारी ने कहा कि भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और प्यास लगने का इंतजार न करें। हल्के रंग के सूती एवं ढीले कपड़े पहनें तथा धूप में निकलते समय सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढककर रखें। खुले में काम करने वाले लोग समय-समय पर गीले कपड़े से शरीर पोछते रहें और सिर को ढककर ही कार्य करें। प्रशासन की ओर से नगर निकायों के कूड़ा संग्रहण वाहनों के माध्यम से प्रतिदिन हीट वेव जागरूकता संबंधी ऑडियो संदेश भी प्रसारित किए जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि यात्रा के दौरान पानी साथ रखें तथा ओआरएस, लस्सी, छाछ और नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। एडवाइजरी में बताया गया है कि हीट स्ट्रोक, हीट रैश और हीट क्रैंप के लक्षणों जैसे कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, मितली, अत्यधिक पसीना या बेहोशी को नजरअंदाज न करें। लू से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर लिटाकर गीले कपड़े से शरीर पोछें और चिकित्सकीय सहायता लें। जिला प्रशासन ने लोगों को घरों को ठंडा रखने, शाम और रात के समय खिड़की-दरवाजे खोलने तथा कार्यस्थलों पर ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी है। साथ ही कर्मियों को सीधे सूर्य की रोशनी से बचाने और आराम का समय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि बच्चों और जानवरों को बंद खड़ी गाड़ियों में अकेला न छोड़ें। अधिक गर्मी के समय भारी श्रम वाले कार्य करने से बचें तथा बासी, संक्रमित खाद्य पदार्थों और अत्यधिक चाय, कॉफी एवं अल्कोहल के सेवन से परहेज करें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हीट स्ट्रोक के दौरान त्वचा शुष्क हो जाना, पसीना बंद होना, तेज नाड़ी चलना, सांस फूलना, सिरदर्द, मितली, कमजोरी और चक्कर आना प्रमुख लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।
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