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आजमगढ़: राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.16 लाख से अधिक वादों का निस्तारण




275 करोड़ से ज्यादा धनराशि पर हुआ समझौता,19 दम्पत्तियों ने फिर साथ रहने का लिया निर्णय

आजमगढ़: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर आजमगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश पाण्डेय ने की। इस दौरान न्यायिक अधिकारी, बैंक पदाधिकारी, अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं वाग्देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय अहसानुल्लाह खान, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मुकेश कुमार सिंह-प्रथम, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शाही, कमला पति, अजय श्रीवास्तव, विजय कुमार वर्मा, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत ओम प्रकाश मिश्रा, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अमर सिंह-1 तथा एफटीसी द्वितीय दिनेश कुमार-द्वितीय समेत अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी वाग्देवी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि लोक अदालत आम लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र है, जहां विवादों का निःशुल्क एवं त्वरित निस्तारण किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है और उसके खिलाफ किसी ऊपरी न्यायालय में अपील नहीं होती। सुलह-समझौते के आधार पर होने वाले फैसलों से पक्षकारों के बीच मतभेद भी समाप्त हो जाते हैं। इसमें न कोई जीतता है और न ही कोई हारता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1,36,516 वाद चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 1,16,721 वादों का निस्तारण किया गया। साथ ही 2,75,81,36,675 रुपये की धनराशि पर समझौता हुआ। प्रीलिटिगेशन स्तर पर 1,01,767 तथा न्यायालयों से संबंधित 14,954 दीवानी एवं फौजदारी वादों का निस्तारण किया गया।
पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मुकेश कुमार सिंह-प्रथम ने 135 वादों, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शाही ने एक वाद, कमला पति-1 ने दो वाद, विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट विजय कुमार वर्मा ने 10 वाद तथा ओम प्रकाश मिश्रा ने 806 वादों का निस्तारण किया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने तीन तथा एफटीसी-02 के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार ने एक वाद का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यवीर सिंह ने 3780 वादों का निस्तारण किया।
पारिवारिक न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश अहसानुल्लाह खान ने 69 तथा अपर प्रधान न्यायाधीश बालकृष्ण एन. रंजन ने 15 वादों का निस्तारण किया। इस प्रकार कुल 84 पारिवारिक वादों का निपटारा हुआ। इनमें 19 दम्पत्तियों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर पुनः साथ रहने का निर्णय लिया।
लोक अदालत में जिला कारागार आजमगढ़ के बंदियों द्वारा कौशल विकास के तहत तैयार किए गए उत्पादों का स्टॉल भी लगाया गया। इसके साथ ही एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी एवं मुबारकपुर की रेशमी साड़ियों की प्रदर्शनी लगाई गई। वादकारियों के लिए चिकित्सीय शिविर भी आयोजित किया गया। वहीं जनपद के विशेष व्यंजन लौंगलता एवं घाठी के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नितिका राजन ने किया।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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