हाईस्कूल में 86.83% अंक लाकर बढ़ाया आजमगढ़ का मान, सीमित संसाधनों में हासिल की बड़ी उपलब्धि
आजमगढ़: जनपद के पल्हनी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बिठ्ठलपुर (पोस्ट ऊंचा गांव) निवासी हिमांशु गिरी ने अपनी मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर यह साबित कर दिया कि शारीरिक बाधाएं कभी भी सफलता के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकतीं। जन्म से दृष्टिबाधित होने के बावजूद हिमांशु ने हाईस्कूल परीक्षा में 86.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर न सिर्फ अपने माता-पिता बल्कि पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। हिमांशु गिरी, जो कि संजय गिरी (पेशा—ऑटो चालक) व माता मंजू देवी (गृहिणी) के पुत्र हैं, ने विपरीत परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी पढ़ाई को पूरी लगन और ईमानदारी से जारी रखा। उनकी इस उपलब्धि के पीछे उनके पिता का निरंतर प्रोत्साहन और परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। वर्तमान में हिमांशु लखनऊ स्थित स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज, मोहान रोड में अध्ययनरत हैं, जहां वे अपनी आगे की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ हिमांशु शतरंज और ब्लाइंड क्रिकेट जैसे खेलों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं, जो उनके आत्मविश्वास और बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है। हिमांशु की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा है। यह कहानी बताती है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प और मेहनत का जज़्बा हो, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती और सफलता जरूर कदम चूमती है।
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