डीएम की पहल रंग लाई,पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं, आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
आजमगढ़: जनपद के पौराणिक एवं धार्मिक स्थल चन्द्रमा ऋषि आश्रम, सिलनी को अब ईको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की पहल पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा भेजे गए 5 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को शासन से वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) नामित आर्किटेक्ट संस्था AVF Creative Consultancy Limited द्वारा तैयार की गई है। परियोजना के तहत चन्द्रमा ऋषि आश्रम परिसर में पर्यटकों व श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक व आकर्षक निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इनमें— गजीबो (Gazebo) एवं व्यूइंग डेक ईको कॉटेज व कैफेटेरिया, पर्यटन सूचना केंद्र व भव्य प्रवेश द्वार, चन्द्रमा ऋषि एवं महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर आधारित म्यूरल वॉल, सोलर लाइटिंग, मेडिटेशन एवं योगा सेंटर, आरती स्थल, बच्चों के लिए प्ले एरिया,आकर्षक पाथवे व अन्य आधारभूत सुविधाएं शामिल हैं। इन विकास कार्यों से आश्रम को एक सुव्यवस्थित और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद यह स्थल न केवल श्रद्धालुओं के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी प्रमुख आकर्षण बनेगा। इससे जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। जिलाधिकारी ने परियोजना के दूसरे चरण (फेज-2) की तैयारी के भी निर्देश दिए हैं। इसमें आश्रम परिसर के तालाब को ‘लोटस पॉन्ड’ के रूप में विकसित करने की योजना शामिल की जाएगी, जिससे प्राकृतिक सौंदर्य और बढ़ेगा। डीएम ने उम्मीद जताई कि इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन से आजमगढ़ को धार्मिक एवं पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को गति प्राप्त होगी।
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