प्रतिबंधित पशु का वध कर उसकी मुंडी व खाल छोड़ कर फरार हुआ था
आजमगढ़: बिलरियागंज थाना क्षेत्र के इमलीपुर गांव में प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने के मामले में वांछित एक शातिर अभियुक्त को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से अवैध तमंचा व कारतूस भी बरामद हुए हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन व क्षेत्राधिकारी सगड़ी के पर्यवेक्षण में बिलरियागंज पुलिस टीम बीती रात क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त तबरेज पुत्र अंसार निवासी मोहम्मदपुर थान बिलरियागंज आज जलालुद्दीन पट्टी मार्ग से छिछोरी की ओर आने वाला है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन वह नहीं माना। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से आरोपी घायल हो गया। उसे रात करीब 1:15 बजे मौके से गिरफ्तार कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों सलमान, सरफराज और मेराज के साथ मिलकर गोवध की घटनाओं को अंजाम देता था। 16/17 मार्च की रात इमलीपुर गांव के खेत में प्रतिबंधित पशु का वध कर उसकी मुंडी व खाल वहीं छोड़ दी थी, ताकि पहचान छिपाई जा सके। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे और ठिकाने बदलते रहे। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है और आर्थिक लाभ के लिए गोवध करता था। फरार अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस व एक खोखा कारतूस बरामद किया है। इस संबंध में गोवध निवारण अधिनियम व आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष सुनील कुमार दूबे सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
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