देश भर से एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत हुई थी, कोल बाजबहादुर से दो युवक धरे गए
आजमगढ़: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर देशभर के लोगों से ठगी करने वाले संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, बैंक पासबुक सहित बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, गुजरात के अहमदाबाद की एक युवती ने 9 मार्च 2026 को एनसीआरपी पोर्टल पर ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। तकनीकी साक्ष्यों और प्रतिबिंब पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर 24 मार्च को कोतवाली क्षेत्र के कोल बाजबहादुर में दबिश देकर अवन राजभर पुत्र बाबूलाल राजभर निवासी ग्राम ऊंचागांव, थाना रानी की सराय, जनपद आजमगढ़ उम्र लगभग 22 वर्ष और प्रियांशू यादव पुत्र मिठाई लाल यादव, निवासी ग्राम शिवरामपुर, थाना तहबरपुर, जनपद आजमगढ़ उम्र लगभग 19 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी इंस्टाग्राम पर “Ganga.Hills, Ganga_hills, Ganga cloth, Velside.clothing, Velside_clothing” नाम से फर्जी पेज बनाकर सस्ते दाम में सामान देने का झांसा देते थे। ग्राहकों को व्हाट्सएप बिजनेस के जरिए संपर्क कर क्यूआर कोड से एडवांस भुगतान कराया जाता था। भुगतान मिलते ही या तो सामान भेजा नहीं जाता था या बेहद घटिया क्वालिटी का पार्सल भेजकर ग्राहक को ब्लॉक कर दिया जाता था। जांच में सामने आया कि आरोपी ठगी की रकम पहले अपने खातों में मंगाते थे, लेकिन खाते फ्रीज होने पर अन्य लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करने लगे। पुलिस को कुल 13 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनसे असम, बंगाल, गुजरात और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से 27 एनसीआरपी शिकायतें जुड़ी पाई गई हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 550 रुपये नकद, 13 बैंक पासबुक, एक चेकबुक, 5 एटीएम कार्ड, 9 सिम कार्ड और 30 डमी पार्सल पैकेट सहित पैकेजिंग सामग्री बरामद की है। मोबाइल की जांच में फर्जी आईडी, चैट और लेन-देन से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह योजनाबद्ध तरीके से ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड कर रहा था और लगातार नए फर्जी पेज बनाकर लोगों को निशाना बना रहा था। इस मामले में साइबर क्राइम थाना पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान शॉपिंग पेज पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें और बिना पुष्टि किए क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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