1.19 लाख रुपये की नकली मुद्रा, लैपटॉप-प्रिंटर, कार व अन्य उपकरण बरामद
आजमगढ़: जनपद के थाना रौनापार पुलिस ने जाली करेंसी बनाने वाले एक अंतर्जनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.19 लाख रुपये की जाली मुद्रा, जाली नोट छापने के उपकरण, लैपटॉप, प्रिंटर, 07 मोबाइल फोन और एक कार बरामद की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर जाली नोटों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन और क्षेत्राधिकारी सगड़ी के पर्यवेक्षण में थाना रौनापार पुलिस टीम ने शुक्रवार को बेलकुंडा बाजार क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान सूचना के आधार पर टेकनपुर पुलिया के पास छापेमारी की। पुलिस ने मौके से नितिन सिंह उर्फ भोला, ऋषिकेश सिंह उर्फ शनि, अभिषेक सिंह उर्फ कान्हा, आदित्य सिंह उर्फ चंकी, शिवम सिंह उर्फ विदुर (सभी निवासी बरडीहा थाना रौनापार) तथा मुन्ना पांडेय (निवासी बड़हलगंज, गोरखपुर) को गिरफ्तार किया। पूछताछ और निशानदेही के आधार पर बाद में मनोज कुमार (गांगेपुर, रौनापार) और रुद्र पांडेय (जगदीशपुर, जीयनपुर) को जाली नोट बनाने में प्रयुक्त उपकरणों सहित गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का सरगना मनीष मिश्रा है, जो बरडीहा गांव का निवासी है। उसके निर्देशन में सभी आरोपी लैपटॉप और प्रिंटर की मदद से A-4 साइज के कागज पर जाली करेंसी नोट प्रिंट करते थे। इसके बाद पेपर कटर से काटकर उन्हें असली नोटों के आकार में तैयार किया जाता था। ये लोग नकली नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच रखकर बाजार, दुकानों और लेन-देन के दौरान चलाते थे, जिससे आम लोग आसानी से पहचान नहीं कर पाते थे। इस तरह गिरोह लंबे समय से बाजार में जाली मुद्रा चलाकर अवैध लाभ कमा रहा था। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के फरार सरगना और अन्य संभावित सदस्यों की तलाश जारी है।
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