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आजमगढ़: सच्ची शक्ति विनम्रता में निहित होती है - महाराज ललित गिरी



पटवध कौतुक में नवदिवसीय श्री मानस महायज्ञ एवं राम कथा का आयोजन

आजमगढ़ : बिलरियागंज रोड स्थित पटवध कौतुक शिव मंदिर परिसर में नवदिवसीय श्री मानस महायज्ञ एवं राम कथा में सुबह आचार्य श्रीकांत पांडे, आचार्य राहुल शास्त्री एवं अरुण तिवारी अन्य विद्वानों द्वारा हवन पूजन का आयोजन संपन्न हुआ। शाम को कथा वाचक महाराज ललित गिरी ने भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष उठाने की अद्भुत लीला का वर्णन किया । मिथिला नगरी के राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर हेतु कठोर शर्त रखी थी कि जो वीर शिवजी के दिव्य धनुष को उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ा देगा, उसी से सीता का विवाह होगा। जब अयोध्या के राजकुमार भगवान श्रीराम अपने गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुरी पहुंचे। सभा में देश-विदेश से आए असंख्य राजाओं और योद्धाओं ने अपनी-अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया, किंतु कोई भी उस विशाल और दिव्य धनुष को टस से मस न कर सका। जब सभी प्रयास विफल हो गए, तब गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर श्रीराम ने विनम्रतापूर्वक आगे बढ़कर धनुष को प्रणाम किया और सहज भाव से उठाया। श्रीराम ने जैसे ही प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास किया, धनुष मध्य से भंग हो गया। धनुष टूटने की ध्वनि से पूरा जनकपुरी नगरी गुंजायमान हो उठी। इस दिव्य क्षण को देखकर माता सीता ने हर्षित होकर श्रीराम के गले में जयमाला डाल दी। सभा में उपस्थित देवता, ऋषि-मुनि एवं जनसमुदाय “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।
यह प्रसंग केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा और विनम्रता की विजय का प्रतीक है। श्रीराम ने अहंकार रहित भाव से यह कार्य किया, जिससे यह संदेश मिलता है कि सच्ची शक्ति सदैव विनम्रता में निहित होती है। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालु इस प्रसंग को सुनकर भाव-विभोर हो उठे। महिलाओं द्वारा मंगल गीत गाए गए और अंत में भव्य आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। डॉ जेपी पांडे, डीजीसी पियूष प्रियदर्शी त्रिपाठी,सीडीसी सिंह आशीष राय,शिक्षक नेता धनंजय सिंह, कपड़ा व्यवसायी कमलाकांत बरनवाल आदि गणमान्य व्यक्तियों ने माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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