भ्रष्टाचार के लगे थे आरोप, पद समाप्त होने के बाद जल कर कार्यालय से हुए संबद्ध
आजमगढ़: नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के कर निर्धारण अधिकारी धर्मवीर सोनी को कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने पर पालिकाध्यक्ष ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उनका कार्यभार बदल दिया है। पालिकाध्यक्ष सरफराज आलम मंसूर ने उन्हें जलकल अनुभाग से संबद्ध कर दिया है। वहां वह जलमूल्य की वसूली, अतिक्रमण हटाओ अभियान, पीएम स्वनिधि योजना प्रभारी एवं गौशाला संबंधी कार्य देखेंगे। जारी पत्र में पालिकाध्यक्ष ने कहा है कि 23 जनवरी 2026 को उनके द्वारा निर्गत कारण बताओ नोटिस का निर्धारित समय सीमा में उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता एवं अनुशासनहीनता माना गया है। बोर्ड बैठक में सभासदों द्वारा कर निर्धारण अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे, जिसकी शिकायत मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी से की गई थी। मामले की जांच जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नियम विरुद्ध कार्यवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पालिका केंद्रीकृत सेवा नियमावली के 29वें संशोधन के तहत नगर पालिका परिषद आजमगढ़ को श्रेणी-2 में स्थापित किया गया है, जिसके तहत कर निर्धारण अधिकारी का पद समाप्त कर दिया गया है। इओ नगरपालिका भूपाल सिंह ने बताया कि धर्मवीर सोनी को गृहकर अनुभाग के कार्यों से मुक्त करते हुए जलकल अनुभाग में बकाया जलमूल्य की वसूली का, दायित्व सौंपा गया है। साथ ही उन्हें अतिक्रमण हटाओ अभियान, पीएम स्वनिधि योजना प्रभारी एवं गौशाला संबंधी कार्य भी देखना होगा। उनकी उपस्थिति जलकल कार्यालय में दर्ज की जाएगी।
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