.

.

.

.
.

आजमगढ़:'मृतक' जैसे किसी इंसान के जीवन की कीमत 25 करोड़ से ज्यादा है - इम्तियाज हुसैन

लालबिहारी मृतक के साथ लेखक इम्तियाज हुसैन (दाएं)

बॉलीवुड के मशहूर स्क्रिप्ट राइटर ने मृतक पर नई पटकथा लिखने का ऐलान किया

आजमगढ़ : इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने मार्च 2023 में 'मृतक' के नाम से चर्चित लाल बिहारी को 25 करोड़ रुपये मुआवजा दिलवाने से मना करते हुए कोर्ट का समय बर्बाद करने पर 10 हजार रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया था । कोर्ट ने कहा कि लाल बिहारी ने तिल का ताड़ बनाया है, जबकि सरकार ने उसे कहीं मृतक दर्ज नहीं दिखाया। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माने की रकम को समाप्त कर दिया था लेकिन मुआवजे की मांग भी खारिज कर दिया था।
कोर्ट ने भले ही लाल बिहारी को मुआवजा नहीं दिलाया लेकिन बॉलीवुड के मशहूर स्क्रिप्ट राइटर इम्तियाज हुसैन का मानना है कि लाल बिहारी मृतक की हैसियत 25 करोड रुपए से ज्यादा है। आजमगढ़ के फूलपुर क्षेत्र के शाहराजा गांव के निवासी इम्तियाज हुसैन इन दिनों अपने गृह जनपद आए हुए हैं। शुक्रवार को शहर के रैदोपुर क्षेत्र में स्थित होटल ग्रैंड एसआर में लाल बिहारी के साथ प्रेसवार्ता करते हुए इम्तियाज हुसैन ने कहा की कोर्ट ने भले ही लाल बिहारी का मुकदमा खारिज कर दिया हो लेकिन उनका मानना है कि मृतक जैसे या किसी एक एक आदमी के जीवन के कीमती वर्षों की कीमत 25 करोड़ से ज्यादा है । उन्होंने कहा कि अगर इनको कागजों पर मारा नही गया होता तो तो ये जीवन बहुत कुछ कर सकते थे। इसीलिए उन्होंने लाल बिहारी के जीवन पर एक और फिल्म ' इंसान और इंसानियत' की स्क्रिप्ट लिखना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया की फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने में उन्हें करीब 3 महीने का समय लगेगा अभी उनकी किसी फ़िल्म कलाकार या प्रोड्यूसर से बात नहीं हुई है स्क्रिप्ट पूरी होने तक प्रोड्यूसर और कलाकारों से बात हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी या परेश रावल मुख्य किरदार अदा करें लेकिन मेरी अभी उनसे कोई बात नहीं हुई है।
लाल बिहारी के जीवन पर बनी पहली फिल्म ' कागज' के स्क्रिप्ट राइटर इम्तियाज हुसैन ने कहा कि इंसान और इंसानियत की कहानी बिल्कुल अलग है। कागज फिल्म से इसका लेना देना नहीं है। आपको बता दे की इम्तियाज हुसैन का जन्म आजमगढ़ जिले के शाहराजा गांव के एक मध्यवर्गीय मुस्लिम परिवार में हुआ। इनके पिता रोजी-रोटी की तलाश में मुंबई गए। धीरे-धीरे एक कान्ट्रैक्टर के रूप में स्थापित हुए। इम्तियाज हुसैन ने अपनी स्नातक तक की पढ़ाई मुम्बई विश्वविद्यालय के अन्तर्गत आने वाले केसी कॉलेज से पूरी की। कॉलेज के दिनों में ही इनकी रुचि थियेटर में थी और इन्होंने कई नाटक लिखे एवं उसमें अभिनय किया। बाद में बॉलीवुड की अस्तित्व, परिंदा, वास्तव, गुलाम-ए-मुस्तफा, इस रात की सुबह नहीं, स्टंटमैन, अनर्थ एवं हॉलीवुड की ‘‘लाइन ऑफ डीसेन्ट‘‘ जैसी फिल्मों के संवाद एवं पटकथा लिखी। प्रेस वार्ता के दौरान इम्तियाज हुसैन की पत्नी वर्षा हुसैन, लाल बिहारी मृतक, अभिषेक पंडित, ममता पंडित आदि मौजूद रहे।

Share on Google Plus

रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

आजमगढ़ लाइव-जीवंत खबरों का आइना ... आजमगढ़ , मऊ , बलिया की ताज़ा ख़बरें।
    Blogger Comment
    Facebook Comment