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आजमगढ़: 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून का सरकार नहीं कर रही पालन - मेधा पाटकर


किसानों के समर्थन में मंदुरी पंहुची सामाजिक कार्यकर्ता, कहा यहां एयरपोर्ट की जरूरत नहीं

केंद्र और प्रदेश की सरकार पर जमकर हमला बोला

आजमगढ़ : अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए पिछले करीब 2 महीने से भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में देश की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर और किसान आंदोलन से चर्चित हुई यूपी के बुलंदशहर की रहने वाली पूनम पंडित आज आजमगढ़ पहुंची। कंधरापुर थाना क्षेत्र के मंदुरी हवाई पट्टी के निकट चल रहे किसानों के आंदोलन में महिलाएं बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं । इस आंदोलन को धार देने के लिए पहुंची मेधा पाटकर ने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र की मोदी की और प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा कि विकास की गलत प्राथमिकता और अवधारणा के कारण देश के किसान, मजदूर, दलित व आदिवासी विस्थापन की त्रासदी झेल रहे हैं और यहां भी यही हालात दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन 2013 का भूमि अधिग्रहण कानून का पालन नहीं कर रहा है जिस में भूमि अधिग्रहण के लिए 80% किसानों की सहमति जरूरी है। पुलिस उत्पीड़न के दम पर सरकार जमीन अधिग्रहण करना चाहती है जो कि गलत है। कहा कि प्रदेश सरकार ने अंग्रेजों को भी फेल कर दिया है अंग्रेजी शासन काल में भी 1894 के बनाए गए कानून का पालन किया जाता था। कहा की आजमगढ़ में एयरपोर्ट की जरूरत नहीं है बल्कि किसानों के लिए मंडिया स्थापित किया जाए शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएं सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। 8 किलोमीटर हरी-भरी जमीन अधिग्रहण कर सरकार किसानों से उनका रोजगार छीन रही है। उन्होंने कहा की सरकार में अदानी और अंबानी प्रतिदिन हजारों रुपए कमा रहे हैं जिससे अमीरी और गरीबी की खाई बढ़ती चली जा रही है। मेधा पाटकर ने कहा कि अभी तक सरकार के जिम्मेदार नेताओं और जिला प्रशासन ने जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को नहीं जाना जिलाधिकारी ने जो आंकड़े दिए हैं वह हास्यास्पद है। प्रशासन का यह कहना भी गलत है कि 80 प्रतिशत किसान जमीन अधिग्रहण के पक्ष में है । प्रशासन सिर्फ ड्रोन से सर्वे कर रहा है। कहा की आंदोलन जनता का है और अगर सरकार ने अपना कदम वापस नहीं लिया तो दिन प्रतिदिन आंदोलन की धार तेज होती जाएगी। कहा की गुजरात में 37 साल तक नर्मदा का आंदोलन चला इसके बाद करीब 50000 लोगों का पुनर्वास हो सका। जन सहयोग से यहां भी आंदोलन कमजोर नहीं पड़ेगा।
वहीं किसान आंदोलन के दौरान चर्चित हुई पूनम पंडित ने कहा की किसान आंदोलन के दौरान भी सरकार जुमलेबाजी कर रही थी और यहां भी जुमलेबाजी की जा रही है कहा कि आज आजमगढ़ में कितने लोगों को एयरपोर्ट की जरूरत है। जिस तरह से सरकार किसान आंदोलन में 700 किसानों की शहादत के बाद बैकफुट पर आकर कृषि कानून को वापस ली यहां भी सरकार को पीछे हटना पड़ेगा। पूनम पंडित ने कहा कि आजमगढ़ में किसान आंदोलन को कुचलने के लिए शासन-प्रशासन आंदोलनरत महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार कर रहा है जो सरासर गलत है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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