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आज़मगढ़: पेशकार न्यायालय चकबंदी रिश्वत मांगने के मामले में निलम्बित हुए


निदेशालय स्तर से हुई जांच में धीरज सिंह पर लगे आरोप सत्य पाए गए

आजमगढ़: जिले में चकबंदी कार्यालय कार्यरत पेशकार न्यायालय चकबंदी नीरज सिंह पर घूस मांगने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले की शिकायत पीड़ित श्रीनाथ यादव पुत्र नेपाल यादव ने चकबंदी आयुक्त से छह अप्रैल को की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए निदेशालय स्तर से मामले की जांच जब कराई गई तो आरोपी धीरज सिंह पर आरोप सत्य पाए गए। धीरज सिंह पर चकबंदी न्यायालय में चल रहे मुकदमें में अपने पक्ष में आर्डर कराने का प्रलोभन देकर पीड़ित से भारी रकम की घूस मांगने का आरोप है। पीड़ित ने मामले की शिकायत मुख्यालय स्तर पर की थी, और जांच में यह बातें सत्य पाई गई, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई। मामले की शिकायत छह अप्रैल को होने के बाद सात अप्रैल को मामले की जांच कराई जाती है और आठ अप्रैल को निलंबित करने के साथ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। जिला चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी सुरेश जायसवाल ने बताया कि श्रीनाथ यादव ने मामले की शिकायत की थी। इस मामले की जांच में आरोपी पेशकार पर आरोप सत्य पाए गए। जो आडियो क्लिप थी उसमें भी पैसे की डिमांड की गई थी। मामले में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर आरोपी पेशकार को निलंबित करने के साथ मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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