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आजमगढ़: गढ़ में दिखी हार तो करहल चले गए अखिलेश यादव- मायावती, पूर्व मुख्यमंत्री



चुनाव परिणाम चौंकाने वाले होंगे,05 वीं बार बनेगी बसपा की सरकार- बसपा सुप्रीमो

बसपा नही सपा है भाजपा की बी टीम, योगी अब मठ में लौट जाएंगे

आजमगढ़ : यूपी विधानसभा चुनाव के अंतिम सातवें चरण में जिले में सियासी घमासान का दौर जारी है। इसी कड़ी में पूर्व मुख्‍यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती सोमवार की दोपहर आजमगढ़ में चुनाव प्रचार करने पहुंचीं। लालगंज विधानसभा क्षेत्र के ओघनी ग्राम सभा में आयोजित जनसभा में मंच पर बसपा प्रमुख पहुंचींं तो उत्‍साहित कार्यकर्ताओं ने खूब नारेबाजी भी की। आजमगढ़ जिले में बसपा प्रमुख मायावती आजमगढ़ से ही मऊ और बलिया जिले के भी कार्यकर्ताओं में जोश भर भरा। वहीं बसपा की इस रैली को विशाल बनाने के लिए संगठन ने पूर्व में ही तैयारी की थी। रोडवेज के समेंदा स्थित वर्कशाप के ठीक बगल स्थित विशाल मैदान को उनके चुनावी रैली के लिए चुना गया था। तीनों जिलों से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता सुबह से ही आयोजन स्‍थल की ओर पहुंच रहे थे। बसपा प्रमुख दोपहर ढाई बजे से शुरू हुई जनसभा को आजमगढ़ से संबोधन के जरिए मंडल की 21 विधानसभाओं को साधा। बसपा मुखिया मायावती ने सपा प्रमुख का उनके घर में ही घेरेबंदी की। कहाकि अखिलेश को अपने गढ़ में दिखी हार तो करहल से चुनाव लड़ने चले गए। समाजवादी पार्टी भाजपा की बी टीम है। मंडलीय रैली में भारी भीड़ देख उत्साहित हुईं तो कह डालीं कि प्रदेश में पांचवी बार बसपा की सरकार बनने जा रही है। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने इन्हें नकार दिया है, अब बसपा ही जनता के सामने एक विकल्प बची है।
मायावती निर्धारित समय से एक घंटे विलंब से समेंदा स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं तो जनसैलाब देख उत्साहित हो उठीं। उन्होंने आजमगढ़ से बलिया और मऊ के कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहाकि चुनाव परिणाम चौंकाने वाले होंगे। प्रदेश में बहुमत से बसपा की सरकार बनने जा रही है। सपा पर निशाना साधते हुए कहाकि अखिलेश को गढ़ में हार का डर सताया तो करहल चुनाव लड़ने जा पहुंचे। वहां भी हालत ऐसी कि बीमार पिता को प्रचार के लिए ले जाना पड़ रहा है। अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव में बीएसपी के गठबंधन के बल पर यहां से सांसद बन गए थे लेकिन इसके बाद नजर नहीं आए। सपा, भाजपा जातिवाद और एक जाति विशेष की राजनीति करती है। इसलिए जनता आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा वोट कर रही है। कहा कि भारतीय जनता पार्टी को कुशासन के कारण जनता ने इस बार पूरी तरह से नकार दिया है। योगी अब मठ में लौट जाएंगे। सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की नीति पर बसपा का शासन सबसे ठीक था। जाति विशेष के नाम पर किसी की प्रताड़ना नहीं की जाती थी। सबके सबके साथ न्याय, कानून व्यवस्था के राज होने से गुंडे, माफिया नजर नहीं आते थे। कहा कि भाजपा की बी टीम सपा है। सपा के लोग जहां विधानसभा सीट में वह कमजोर है वहां पर प्रचार कर रहे हैं कि बीएसपी को वोट ना कर भाजपा को ही वोट करें जिससे बीएसपी सत्ता में ना आने पाए। इस प्रकार समाजवादी पार्टी के लोग ही भाजपा से मिले हुए हैं। बसपा अपने दम पर सरकार बनाएगी। इस बार सत्ता में आने पर वह एक आयोग का गठन करेंगी और पुरानी पेंशन को लागू करेंगी। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि बीएसपी और विरोधी पार्टियों की तरह हवा हवाई घोषणा पत्र जारी नहीं करती हैं बल्कि काम करने में विश्वास रखती है कहने में नहीं। वहीं कांग्रेस पर भी उन्होंने निशाना साधा की खुद को दलित उत्पीड़न के मामले में मसीहा बताने वाली कांग्रेस की यूपी प्रभारी केवल फोटो खिंचवाती हैं। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी कहीं दलित उत्पीड़न के मामले में नहीं जाती हैं।
जनसभा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर बसपा विधानमंडल दल के नेता उमाशंकर सिंह, आजमगढ़ के निजामाबाद सीट से प्रत्याशी डॉक्टर पीयूष कुमार सिंह यादव, दीदारगंज प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह मुन्ना सहित 21 विधानसभा के प्रत्याशी मौजूद रहे। बसपा सुप्रीमो ने सभी को जिताने की अपील की।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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