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आज़मगढ़: बीजेपी के सुहेलदेव विश्विद्यालय के जवाब में सपा का सुखदेव दांव...


राजभर बहुल दीदारगंज में सपा को अब सुखदेव के निधन से उपजी सहानुभूति से जगी है आस

आदिल शेख का टिकट कटने से अल्पसंख्यक मतों को बांधे रखने की करनी होगी कवायद

आज़मगढ़: राजभर मतदताओं को साधने के लिए समाजवादी पार्टी ने बड़ा दांव चल दिया है। पार्टी ने बसपा के कद्दावर नेता रहे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व० सुखदेव राजभर के पुत्र कमलाकांत राजभर को दीदारगंज सीट से टिकट देकर जहां सहानुभूति हासिल करने की कोशिश की है वहीं राजभर मतदाताओं को साधने के लिए इसे बड़े दांव के रूप में देखा जा रहा है। कारण कि केवल दीदारगंज में लगभग 45 हजार राजभर मतदाता बताए जाते हैं। यूपी विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने जिले में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर विश्वविद्यालय की नींव रखकर राजभर मतों को साधने के लिए बड़ा दांव चला था लेकिन अब सपा ने बसपा नेता सुखदेव राजभर के निधन के बाद उनके पुत्र कमलाकांत राजभर को दीदारगंज से मैदान में उतारकर अपना बड़ा दांव चल दिया है। राजभर मतों को हासिल करने की जंग में कौन भारी पड़ेगा यह तो समय बताएगा लेकिन चुनाव दिलचस्प होता दिख रहा है। कारण कि यहां सपा ने राजभर मतों को हासिल करने के लिए पूर्व विधायक आदिल शेख की दावेदारी को दरकिनार किया है जबकि इस सीट पर लगभग 24 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता है।
बता दें कि वर्ष 2007 तक यह सीट सरायमीर के नाम से जानी जाती थी। उस समय यह सीट सुरक्षित हुआ करती थी। तब भी यहां सपा बसपा के बीच सीधी जंग देखने को मिलती थी। वर्ष 1991 की राम लहर में बीजेपी यहां खाता खोलने में जरूर सफल हुई थी। वर्ष 2012 में सीट सामान्य कर इनका नाम बदलकर दीदारगंज किया गया। इसके बाद सपा ने आदिल शेख को उम्मीदवार बनाया था। उस समय आदिल शेख ने बसपा के कद्दावर नेता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर को हराकर सीट सपा की झोली मेें डाल दी थी लेकिन वर्ष 2017 के चुनाव में सुखदेव राजभर के हाथों आदिल शेख को हार का सामना करना पड़ा था।
वर्ष 2022 के चुनाव में आदिल शेख को टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन पिछले दिनों अपने निधन से पूर्व सुखदेव राजभर ने अपने पुत्र कमलाकांत को सपा मुखिया अखिलेश यादव के हवाले कर दिया था । उसी दौरान सपा और सुभासपा का गठबंधन हुआ तो बीजेपी ने राजभर मतोें को अपने साथ बांधकर रखने के लिए आजमगढ़ में विश्वविद्यालय का नाम महाराजा सुहेलदेव के नाम पर रखकर बड़ा दांव चल दिया। सपा ने बीजेपी के इस दांव की काट में अब दीदारगंज में राजभर मतों की अधिक संख्या को देखते हुए कमलाकांत राजभर को उम्मीदवार बना दिया है। सपा का मानना है कि इस सीट पर उसे सुखदेव राजभर के निधन से उपजी सहानुभूति का भी लाभ मिलेगा। इसका प्रभाव बगल की फूलपुर व मेंहनगर आदि सीटों पर भी पड़ेगा। वहीं दूसरी तरफ सपा की मुश्किल भी बढ़ती दिख रही है। कारण कि जिलेे में दीदारगंज सीट ही ऐसी है जहां 24 प्रतिशत अल्पसंख्यक मतदाता हैं। आदिल शेख का टिकट कटने से अल्पसंख्यक मतदाताओं में नाराजगी का खतरा है। वहीं बसपा ने भूूपेंद्र सिंह मुन्ना को मैदान में उतारा है जिनकी पकड़ क्षत्रिय के साथ ही अल्पसंख्यक मतोें मेें भी है। मुन्ना और आदिल को सुखदेव विरोधियों मेें गिना जाता था। ऐसे में सपा के सामने अंदरूनी खींचतान का खतरा होगा जो पार्टी की मुश्किल बढ़ा सकता है। वहीं बीजेपी ने डा. कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा को मैदान में उतार दिया है। कृष्ण मुरारी भी पार्टी के अपने वोट बैंक के साथ अति पिछड़ों को साधने की पूरी कोशिश करेंगे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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