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आज़मगढ़: राज्यपाल ने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को सराहा




महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए महिलाओं को ही आगे आना पड़ेगा- आनन्दी बेन पटेल

ऐसा अभियान चलायें जिससे दहेज प्रथा समाप्त हो और बेटियां सुरक्षित रहें- राज्यपाल

आजमगढ़ 01 नवम्बर-- उ0प्र0 की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबने पटेल ने आज जनपद आजमगढ़ में भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार सर्वप्रथम कलेक्ट्रेट परिसर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राज्यपाल ने उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत तैबा स्वयं सहायता समूह द्वारा बेडसीट, साड़ी सूट निर्माण, लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह द्वारा ब्लैक पाटरी, एक जनपद एक उत्पाद के अन्तर्गत निजामाबाद की ब्लैक पाटरी, जन सेवा स्वयं सहायता समूह द्वारा चूड़ी निर्माण, मॉ वैष्णो स्वयं सहायता समूह द्वारा वॉशिंग पाउडर निर्माण, भीमराव अम्बेडकर स्वयं सहायता समूह द्वारा एलईडी बल्ब निर्माण, विष्णु स्वंय सहायता समूह द्वारा चप्पल निर्माण, शिव स्वयं सहायता समूह द्वारा बैग निर्माण, सत्यम स्वयं सहायता समूह द्वारा अगरबत्ती निर्माण, हस्तशिल्प का सजीव प्रसारण आदि एवं कृषि विभाग तथा उद्यान विभाग द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि और ज्यादा मेहनत करके अपने आय में वृद्धि करें एवं अपना विकास करें। राज्यपाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों एवं स्वयं सहायता समूहों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी के सहयोग से भारत और उत्तर प्रदेश को क्षय रोग मुक्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति, महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं जिले के प्रथम क्लास के अधिकारी यदि एक-एक बच्चे को गोद लें तो क्षय रोग को आसानी से नियंत्रित एवं खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांवों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों एवं समाजसेवी संगठनों को इसकी जानकारी देकर क्षय रोग के मरीजों को गोद लेने में मदद करें। राजपाल ने कहा कि सभी अधिकारी स्कूलों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं प्राइवेट कॉलेजों को अधिक से अधिक इससे जोड़ें। राज्यपाल महोदया ने कहा कि जो नई शिक्षा नीति आई है, उसमें भी इसके लिए प्रावधान किया गया है। राज्यपाल ने कहा कि अगले 15 दिनों बच्चों को गोद लेने के लिए अधिक से अधिक प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि अगले 03 महीनों में व्यापक अभियान चलाकर अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (गोल्डन कार्ड) बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने गरीबों को ध्यान में रखकर बहुत सी जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं। भारत सरकार ने सरकारी अस्पतालों को अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में नई-नई सुविधाएं दी जा रही है, इसका अधिक से अधिक लाभ उठाया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट एवं अन्य बहुत सी सुविधाएं में वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर/न्याय पंचायत स्तर पर भी सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार एवं दवाइयां उपलब्ध कराई गई है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 60 हजार करोड़ रुपए काशी के अस्पतालों की चिकित्सा सुविधा में वृद्धि के लिए पैकेज देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही वाराणसी में लंदन, अमेरिका एवं अन्य यूरोपीय देशों जैसे चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार बच्चों, महिलाओं एवं गरीबों के लिए प्रत्येक सेक्टर में लाभ देने के लिए प्रयासरत है। राज्यपाल ने कहा कि पहले महिलाएं घरों तक ही सीमित थी, अब महिलाओं के लिए भारत सरकार अलग-अलग योजनाएं चलाकर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि परिवार की आय बढ़ने से देश की आय में भी वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं सशक्त होंगी, तो देश भी सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए महिला शक्ति लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विशेषकर गरीब एवं मध्यम वर्ग को ऊपर उठाने के लिए योजना संचालित किया है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को अलग पहचान मिली है एवं उनका गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि अब गांव, समाज के लोग महिलाओं को पहचानने लगे हैं तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी वर्ग भी महिलाओं को आगे बढ़ाने में हर संभव मदद करें। राज्यपाल ने आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों, श्रीमती मीना जायसवाल मुबारकपुर, श्री आदर्श कुमार सिधारी, श्रीमती पुष्पा देवी मुकेरीगंज, कु0 अनन्या मुकेरीगंज, श्री हरिप्रसाद उपाध्याय मड़या तथा विवेक कुमार सिंह कंधरापुर से संवाद किया। मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला ने राज्यपाल के समद क्षय रोग से पीड़ित गोद लिये व्यक्तियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि जनपद में कुल क्षय रोग से पीड़ित 4321 व्यक्ति हैं, जिनमें से कुल 201 व्यक्ति गोद लिये जा चुके हैं। उन्होने बताया कि स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा 17, सरकारी अधिकारियों द्वारा 181, क्लबों द्वारा 03 व्यक्तियों को गोद लिया जा चुका है। उन्होने बताया कि अब तक कुल गोद लिये गये व्यक्ति 96 तथा बगैर गोद लिये गये 521 व्यक्ति ठीक हो चुके हैं। उन्होने बताया कि वर्तमान में कुल गोद लिये हुए 104 व्यक्ति तथा बगैर गोद लिये हुए 3395 व्यक्ति उपचारित किये गये हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (गोल्डेन कार्ड) के लाभार्थी परिवारों की संख्या 141549 है, कुल लाभार्थियों की संख्या 707745, जनपद मे कुल गांवों की संख्या 4106, गत माह में बनाये गये गोल्डेन कार्ड की संख्या 49447, कुल गोल्डेन कार्डां की संख्या 216290 है। मुख्य विकास अधिकारी ने अवगत कराया कि शेष लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत 15776 समूह गठित हैं, जिसमें 170818 सदस्य हैं। उन्होने बताया कि प्रत्येक समूह में सदस्यों की संख्या 10-15 महिलाएं हैं। उन्होने बताया कि जनपद में कुल बीसी सखी 1858, कुल प्रशिदण प्राप्त बीसी सखी 1213, बीसी सखियों को कुल वितरित बैंकिंग डिवाइस 558 तथा कुल आनबोर्ड बीसी सखी 449 हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया तथा पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपके द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों एवं मार्ग दर्शन में हम सभी लोग कार्य करेंगे। इसके पश्चात श्रीमती आनंदीबेन पटेल, राज्यपाल द्वारा जिला कारावास आजमगढ़ के परिसर में वृक्षारोपण किया गया। महिला बंदी कविता व रेखा द्वारा स्वागत गीत की प्रस्तुति की गई। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा 10 महिला बंदी एवं बच्चों को कपड़ा प्रदान किया गया, जिसमें मनीषा, सुमित्रा, भगवती, सुशीला तथा बच्चों में शिवांश, धीरज आदि शामिल है। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा पुरूष/महिला बंदियों को बताया गया कि एक बार जो गलती हो गई है, उसकी सजा काटने के बाद दूसरी गलती न करें। महिलाओं के लिए सरकार द्वारा आजीविका मिशन शुरू किया गया है, इसके तहत महिलाएं जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि रिहाई के बाद जेल से कैदियों को जो पैसा मिलता है, उसे परिवार में रोजगार के लिए लगाएं और रिहाई के बाद बदले की भावना को मन में न रखें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए महिलाओं को आगे आना पड़ेगा, दहेज की वजह से बेटियां को मार देने पर मां- बाप को बहुत दर्द होता है, ऐसा अभियान चलाया जाए कि दहेज प्रथा समाप्त हो और बेटियां सुरक्षित रहें। राज्यपाल द्वारा महिला/पुरुष बंदियों को स्मार्ट टीवी, वाशिंग मशीन, कंप्यूटर प्रदान की गई। जिला जेल के अधिकारी द्वारा बताया गया कि कोरोना काल में 156 बंदियों के पॉजिटिव होने पर चिकित्सकीय टीम द्वारा उपचार कराया गया। पुरुष/महिला बंदियों को रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री कौशल योजना के तहत प्लम्बरिंग व इलेक्ट्रीशियन में 120 पुरुष/महिला बंदियों को प्रशिक्षित किया गया। पुरुष बंदी शिवचरण द्वारा जेल में बिताए गए अपने अनुभव को कविता के माध्यम से बताया गया वरिष्ठ जेल पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी वित्त/राज्य, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

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