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आज़मगढ़: लाडली योजना में धन दिलाने के नाम पर ग्रामीणों का बैंक खाता खाली करता था


साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बिहार में दबिश देकर अन्तर्राज्यीय गैंग के सदस्य को पकड़ा

आजमगढ़: सरकार द्वारा संचालित लाडली योजना के तहत सहायता के रूप में मिलने वाले धनराशि का लालच दिखाकर लोगों के खाते से रुपये उड़ाने वाले अंतर्राज्यीय गैंग के एक साइबर अपराधी को पुलिस ने बिहार में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल भी बरामद किया है। मेहनाजपुर निवासी सादिक अंसारी ने 10 सितंबर को साइबर क्राइम थाना परिक्षेत्र आजमगढ़ में मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित ने तहरीर में उल्लेख किया कि उसके परिवार में बेटी पैदा हुई थी। साइबर अपराधियों ने फोन कर उससे कहा कि आपके यहां नरगिस को पुत्री पैदा हुई है और लाडली योजना के तहत सरकार की ओर से लड़की के खाते में 6 हजार रुपये आएगा। रुपये का झांसा देकर साइबर अपराधी ने धोखे से उसके पंजाब नेशनल बैंक के खाते का डिटेल व ओटीपी नंबर की जानकारी हासिल कर लिया। इसके बाद साइबर अपराधी ने उसके खाता से ढाई लाख रुपये निकाल लिए। साइबर क्राइम थाना के इंस्पेक्टर राजेश यादव ने कहा कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर साइबर क्राइम मुख्यालय लखनऊ एंव जनपद के उच्चाधिकारियो के निर्देश पर तकनीकी संसाधनो का प्रयोग करते हुए विवेचना की गयी तो साइबर क्राइम करने वाले दो अपराधी सरजू मण्डल पुत्र दुखन मण्डल निवासी ग्राम बाराडीह थाना चकाई जिला जमुई बिहार व मोहम्मद अफजल पुत्र मोहम्मद अजमल निवासी ग्राम चकाई बाजार थाना चकाई जिला जमुई बिहार का नाम प्रकाश में आया। साइबर क्राइम मुख्यालय के निर्देश पर परिक्षेत्र के साइबर क्राइम थाने की पुलिस परमिशन लेकर दोनों आरोपितों की तलाश में बिहार प्रांत पहुंची। 7 सितंबर की रात लगभग 9 बजे पुलिस ने साइबर अपराधी सरजू मण्डल पुत्र दुखन मण्डल को गिरफ्तार कर उसके पास से उक्त मोबाइल भी बरामद कर लिया गया जिस मोबाइल से वादी सादिक अंसारी को फोन कर साइबर क्राइम की घटना को अंजाम दिया था। ट्रांजिड रिमांड पर लेने के बाद साइबर अपराधी को पुलिस बिहार से लेकर आजमगढ़ जिले में आयी। साइबर एक्सपर्ट आरक्षी मनीष सिंह ने कहा कि पूछताछ में उक्त अपराधी ने बताया कि सरकार की लाडली योजना के नाम पर सरकारी वेब साइट से गांव की आशा का नम्बर निकालता हूं । उनसे लाडली योजना का अधिकारी बनकर उनके गांव जिनके यहां लडकी या लडका पैदा हुआ हैं उसकी डिटेल प्राप्त करता हॅू। उसके बाद उन लोगों को काल करके बोलता हूं कि आपका नम्बर आशा द्वारा दिया गया हैं। आपके यहां लडकी पैदा हुई हैं और लाडली योजना के तहत सरकार की तरफ से लडकी के खाते मे 6000 रुपये आयेगा । फिर लोगों से धोखे से उनकी बैंक डिटेल, ओटीपी/यूपीआई के माघ्यम से साइबर ठगी को अंजाम देते हैं। इस तरह की साइबर ठगी के लिए साइबर थाना गिरीडीह झारखण्ड से भी मै जेल जा चुका हूं।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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