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आज़मगढ़: जल निगम के एक्सईएन व प्रशासनिक अधिकारी निलंबित


धनराशि प्राप्त होने के बाद भी समय से वेतन वितरण की कार्रवाई नहीं की गई थी

आजमगढ़: उत्तर प्रदेश जल निगम के मुख्य अभियंता ओवरऑल नियंत्रक अधिकारी इंदुकांत श्रीवास्तव ने अपने पद के कर्तव्यों और दायित्वों का अनुपालन न करने पर द्वितीय निर्माण खंड उत्तर प्रदेश जल निगम के सहायक अभियंता (कार्यवाहक अधिशासी अभियंता) रणविजय सिंह और प्रशासनिक अधिकारी (कार्यवाहक खंडलीय लेखाकार) सुशील कुमार श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने पर विभागीय अनुशासनात्कक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए आरोपों की जांच के लिए मुख्य अभियंता वाराणसी क्षेत्र पदेन जांच अधिकारी नामित किया है। निलंबन काल में दोनों अधिकारियों को अधीक्षण अभियंता अस्थाई निर्माण मंडल उत्तर प्रदेश जल निगम कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
जल निगम के निलंबित अधिकारियों के खिलाफ शासन में शिकायत की गई थी कि खंड कार्यालय में वेतन के लिए धनराशि प्राप्त होने के बाद भी समय के अंतर्गत वेतन वितरण की कार्रवाई नहीं की गई। वेतन व पेंशन के भुगतान संबंधी चेक पर हस्ताक्षर नहीं किया गया। कार्यों के प्रति लापरवाही, उदासीनता बरतने और खंड के अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की गई। साथ ही बिना सूचना के शाम चार बजे के बाद कार्यालय से अनुपस्थित रहे। नियम विरुद्ध कार्य करने से विभाग की छवि धूमिल हुई है।
केके गुप्ता, अधीक्षण अभियंता ने बताया कि जल निगम एक्सईएन व लेखाकार के खिलाफ वेतन भुगतान समय से न करने की शिकायत शासन में कई गई थी,जिस पर एमडी ने निलंबन की कार्रवाई करते हुए अधीक्षण अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। मुख्य अभियंता वाराणसी क्षेत्र को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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