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आज़मगढ़: अजीत सिंह हत्याकांड में फरार इनामी शूटर गिरधारी दिल्‍ली से गिरफ्तार


चर्चा है कि पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए गिरधारी ने लखनऊ कोर्ट में आत्मसमर्पण की अर्जी दी थी

उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरधारी का सुराग देने वाले को एक लाख का इनाम देने की घोषणा कर रखी थी

आज़मगढ़: उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई पूर्व ब्लाक प्रमुख व आजमगढ़ के पूर्व विधायक सीपू सिंह की हत्या के मुकदमे में गवाह अजीत सिंह की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्‍य आरोपित गिरधारी शर्मा उर्फ डाक्टर उर्फ लोहार को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी सोमवार को दिल्‍ली पुलिस ने की। उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपित का सुराग देने वाले को एक लाख का इनाम देने की घोषणा कर रखी थी। बता दें, आरोपित ने लखनऊ के सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण की अर्जी भी दी थी। 
अजीत सिंह की हत्या में शूटर के तौर पर गिरधारी का नाम सामने आने के बाद पिछले कुछ दिनों से दिल्ली पुलिस को उसके दिल्ली में ही छिपे होने की सूचना मिल रही थी। ऐसे में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच सहित कई टीमें गिरधारी का सुराग लेने में जुटी हुई थी। इसी क्रम में बाहरी उत्तरी जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम को उसके रोहिणी से सटे शाहबाद डेरी इलाके में छिपे होने की जानकारी मिली तो उसके छिपने के ठिकाने पर छापेमारी कर उसे दबोच लिया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
अजीत सिंह हत्याकांड के आरोपित गिरधारी उर्फ डॉक्टर ने लखनऊ के सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण की अर्जी डाली थी। गिरधारी पर एक लाख का इनाम घोषित है। लखनऊ पुलिस आरोपित की तलाश में दबिश दे रही थी। गिरधारी के अचानक आत्मसमर्पण की अर्जी डालने के बाद से पुलिस महकमे में चर्चा का बाजार गर्म था। इसी बीच आरोपित को सोमवार देर रात में दिल्ली पुलिस ने दबोच लिया।
सवाल यह है कि जिस गिरधारी को पिछले कई महीनों से एसटीएफ के अलावा वाराणसी, आजमगढ़ और मऊ की पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी, उसे दिल्ली पुलिस ने दबोच लिया। कुछ लोग इसे साजिश का हिस्सा भी मान रहे हैं। माना जा रहा है कि पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए गिरधारी ने कोर्ट में अर्जी दी थी। पुलिस का कहना है कि इनामी बदमाश की ओर से सीजेएम कोर्ट लखनऊ में अर्जी डाली गई थी। इस प्रकरण में 13 जनवरी को सुनवाई होनी थी। सरेंडर की अर्जी पड़ने की जानकारी मिलने के बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया था।
बता दें, छह जनवरी को मूलरूप से मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि व आजमगढ़ के पूर्व विधायक सीपू सिंह हत्या कांड के गवाह अजीत सिंह की विभूतिखंड के कठौता चौराहे के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने अजीत को 22 गोलियां मारी थीं। अजीत आजमगढ़ के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह की हत्या में गवाह थे। अजीत के साथी मोहर सिंह ने आजमगढ़ जेल में बंद कुंटू सिंह, गिरधारी और अखंड सिंह समेत अन्य के खिलाफ साजिश के तहत हत्या की एफआइआर दर्ज कराई थी।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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